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कार्य करो किन्तु फल की चिंता नहीं | Kary Karo Kintu Fal Ki Chinta Nahi

कार्य करो किन्तु फल की चिंता नहीं | Kary Karo Kintu Fal Ki Chinta Nahi

कार्य करो किन्तु फल की चिंता नहीं | Kary Karo Kintu Fal Ki Chinta Nahi कार्य करो किन्तु फल की चिंता नहीं | Kary Karo Kintu Fal Ki Chinta Nahi : सोमिलक बेचारा बहुत गरीब था, पर मेहनत और ईमानदारी उसके… Continue Reading

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चोर और राक्षस | Chor Aur Rakshas

चोर और राक्षस | Chor Aur Rakshas

चोर और राक्षस | Chor Aur Rakshas चोर और राक्षस | Chor Aur Rakshas : बहुत समय पहले की बात है। किसी नगर में एक अत्यंत निर्धन ब्राह्मण रहता था। निर्धन होने के कारण न तो उसे ठीक प्रकार से… Continue Reading

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बिना जांचे परखे होता हैं ये हाल | Bina Janche Parkhe Hota Hain ye Haal

बिना जांचे परखे होता हैं ये हाल | Bina Janche Parkhe Hota Hain ye Haal

बिना जांचे परखे होता हैं ये हाल | Bina Janche Parkhe Hota Hain ye Haal बिना जांचे परखे होता हैं ये हाल | Bina Janche Parkhe Hota Hain ye Haal : पर्वत की तलहटी में एक घने और ऊँचे वृक्ष पर… Continue Reading

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पार्वती ओर शिव का विवाह | Parwati Aur Shiv ka Vivah

पार्वती ओर शिव का विवाह | Parwati Aur Shiv ka Vivah

पार्वती ओर शिव का विवाह | Parwati Aur Shiv ka Vivah पार्वती ओर शिव का विवाह | Parwati Aur Shiv ka Vivah : देवताओं द्वारा प्रार्थना करने पर माँ भगवती ने दक्ष की पुत्री उमा के रूप में जन्म लिया। परन्तु… Continue Reading

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निर्देश – ब्रह्मा का | Nirdesh – Brhma ka

निर्देश - ब्रह्मा का | Nirdesh - Brhma ka

निर्देश – ब्रह्मा का | Nirdesh – Brhma ka निर्देश – ब्रह्मा का | Nirdesh – Brhma ka : ऐसा कहा जाता हैं की संसार के रचयिता अर्थात् ब्रह्मा के तीन संताने थी देवता, मनुष्य तथा दैत्य। इन तीनों ने… Continue Reading

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नचिकेता की आत्म शांति | Nachiketa ki Aatm Shanti

नचिकेता की आत्म शांति | Nachiketa ki Aatm Shanti

नचिकेता की आत्म शांति | Nachiketa ki Aatm Shanti नचिकेता की आत्म शांति | Nachiketa ki Aatm Shanti : गौतम मुनि के पुत्र का नाम नचिकेता था। एक बार गौतम मुनि ने एक यज्ञ किया। जिसको करने पर उस व्यक्ति… Continue Reading

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धुर्व वीर | Dhurv Veer

धुर्व वीर | Dhurv Veer

धुर्व वीर | Dhurv Veer धुर्व वीर | Dhurv Veer : राजा उत्तन्पाद की दो रानियाँ थी. बड़ी रानी का नाम सुनीति था। उसका ध्रुव नाम का एक है पुत्र था। छोटी रानी का नाम सुरुचि था और वह राजा… Continue Reading

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दध्यन ऋषि | Ddhyan Rishi

दध्यन ऋषि | Ddhyan Rishi

दध्यन ऋषि | Ddhyan Rishi दध्यन ऋषि | Ddhyan Rishi : एक दिन भगवान् इंद्र अपने दरबार में बैठे हुवे नार्तियाओ का नृत्य देख रहे थे, परन्तु उस वक़्त उनका ध्यान वहाँ नहीं बल्कि कहीं और था। वह सोच रहे… Continue Reading