Categories: Hindi Kahani

देवर्षि नारद द्वारा वाल्मीकि ऋषि को उपेदश देना

देवर्षि नारद द्वारा वाल्मीकि ऋषि को उपेदश देना : वाल्मीकि ऋषि ने स्नान-ध्यान किया और देवर्षि नारद ने उन्हें केसरिया अंग वस्त्र प्रदान किए। केशों का जूड़ा बांधा। उनके सारे केश अब तक श्वेत हो चुके थे। नारदजी ने उनसे कहा, “ऋषिवर! इस युग में पवित्र वंश के महान इक्ष्वाकुवंश में दशरथ नंदन श्रीराम का जन्म हुआ है। वे साक्षात विष्णु भगवान के अंशावतार हैं। सभी कर्मयोगी, भक्त और ज्ञानी नित्य उनका ध्यान करते हैं। तुम्हारे मुख से भी उन्हीं श्रीराम का नाम, गत एक हजार वर्षों से उच्चरित होता रहा है। तुम अब उन्हीं के चरित्र में अपना ध्यान लगाओ। मां सरस्वती ने चाहा तो तुम्हें उनका चरित्र बखान करने की वाणी अवश्य प्राप्त होगी।”
वाल्मीकि बोले, “देवर्षि ! मेरा लक्ष्य निर्धारित करके आपने मुझ पर बड़ी कृपा की है। मैं मां सरस्वती से प्रार्थना करूंगा कि वे मुझे वाणी और शक्ति, दोनों प्रदान करें। आप मुझे श्रीराम का चरित्र सुनाएं।”

Share
Published by
Hind Patrika

Recent Posts

रानी लक्ष्मीबाई की जीवनी | झांसी का युद्ध और मृत्यु

रानी लक्ष्मीबाई | Jhansi Ki Rani in Hindi Jhansi Ki Rani in Hindi: देश की…

1 year ago

पर्यावरण पर निबंध

पर्यावरण पर निबंध | Environment in Hindi Environment in Hindi: पर्यावरण शब्द संस्कृत के दो…

1 year ago

हींग के फायदे

हींग के फायदे | Hing ke Fayde Hing ke Fayde: हींग बहुत गुणकारी है यह…

1 year ago

जामुन खाने के फायदे

जामुन खाने के फायदे | Jamun Ke FaydeBlack plum नाम से जाना जाने वाला जामुन दिखने…

1 year ago

Mahadevi Verma | महादेवी वर्मा का जीवन परिचय और कविताएँ

Mahadevi Verma | महादेवी वर्मा कवयित्री Mahadevi Verma: महादेवी वर्मा जी का जन्म उत्तर प्रदेश…

1 year ago

गौरा गाय महादेवी वर्मा के द्वारा | Gaura Gaay

गाय के नेत्रों में हिरन के नेत्रों-जैसा विस्मय न होकर आत्मीय विश्वास रहता है। उस…

1 year ago