मीठा सच Akbar Birbal Stories in Hindi

मीठा सच Akbar Birbal Stories in Hindi : बीरबल का पड़ोसी करीम, ज्योतिष में बड़ा विश्वास करता था। वह अपना भविष्य जानने के लिए बहुत उत्सुक रहता था और अक्सर किसी-न-किसी भविष्यवक्ता अथवा ज्योतिषी को अपने घर भोजन के लिए आमंत्रित करता रहता था तथा उनसे अपने भविष्य के । विषय में पूछता था। एक सुबह बीरबल अपने बगीचे में टहल रहा था कि उसने करीम की जोर-जोर से चिल्लाने की आवाज सुनी। करीम एक ज्योतिषी को धक्के देकर अपने घर से बाहर निकाल रहा था। वह कह रहा था “चले जाओ, धोखेबाज! तुम्हें भविष्य के विषय में कुछ नहीं पता। फिर कभी इस तरफ मत आना।” बीरबल उस ज्योतिषी के पास पहुँचा और पूछा “क्यों, भाई! तुमने ऐसा क्या कह दिया जिससे करीम इतना क्रोधित हो गया।

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मीठा सच Akbar Birbal Stories in Hindi : श्रीमान्, मैंने तो केवल उनका हाथ देखकर उनके भविष्य के विषय में बताया था कि उनके सभी मित्र एवं रिश्तेदार उनसे पहले ही स्वर्ग सिधार जाएँगे और फिर.।” “ओह! शायद इसीलिए करीम ने आपको बाहर धकेल दिया?” बीरबल ने पूछा। “हाँ श्रीमान्! मैं समझता हूँकि वे इस कड़वे सच को सहन नहीं कर पाए। परंतु मैं किसी के भविष्य के विषय में कभी झूठ नहीं कहता।”ज्योतिषी ने कहा। तब बीरबल ने ज्योतिषी से कहा “आप एक ईमानदार एवं सच्चे व्यक्ति हैं। यह बहुत अच्छा गुण है, परन्तु आप जानते हैं कि सच बड़ा कड़वा होता है। सो अब आपको उसके सामने एक मीठा सच रखना चाहिए। ताकि उसकी अप्रसन्नता दूर हो जाए।” “मीठा सच ! वह कैसे?” “वह ऐसे”।” बीरबल ने कहा और ज्योतिषी के कानों में कुछ फुसफुसाकर कहा। अगली सुबह ज्योतिषी ने एक बूढ़े व्यक्ति का भेष बनाया और करीम के घर के सामने से निकला। बूढ़े व्यक्ति को देखकर करीम उसके पास पहुंचा।

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मीठा सच Akbar Birbal Stories in Hindi : आश्चर्यचकित होकर ज्योतिषी ने करीम से कहा ‘श्रीमान्। आपका व्यक्तित्व तो बहुत प्रभावशाली है। क्या मैं आपका हाथ देख सकता हूँ?” ‘अवश्य, अवश्य ! कृपया अंदर आ जाइए।” करीम ने उत्तर देते हुए कहा। ज्योतिषी ने करीम का हाथ देखा और कहा, “श्रीमान्, आप बहुत भाग्यशाली हैं। एक लंबा और समृद्ध जीवन आपके समक्ष है। आप अपने सभी मित्रों व रिश्तेदारों से भी अधिक समय तक जीवित रहेंगे।” “क्या यह सच है? और वह मूर्ख ज्योतिषी जो कल आया था. परंतु आज मैं बहुत प्रसन्न हूँ।” ऐसा कहकर करीम घर के अंदर गया और सोने के सिक्कों से भरी थैली लाकर ज्योतिषी को देते हुए बोला, “श्रीमान्, कृपया इन्हें स्वीकार कीजिए और भविष्य में भी समय-समय पर आप यहाँ आते रहिएगा। मैं भविष्य में आपके आगमन की उत्सुकता से प्रतीक्षा करूंगा। ज्योतिषी थैली लेकर प्रसन्नतापूर्वक चला गया और बीरबल के पास जाकर बोला “श्रीमान्, मुझे नहीं पता था कि सच बोलने से अधिक महत्वपूर्ण उसे सही ढंग से प्रस्तुत करना होता है।”

और कहानियों के लिए देखें : Akbar Birbal Stories in Hindi

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