कोई चीज़ शुभ या अशुभ नहीँ होती

कोई चीज़ शुभ या अशुभ नहीँ होती – Moral Stories in Hindi

short moral stories in Hindi
short moral stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : बचपन से हम सुनते आए हैं की अमुक वस्तु रखना शुभ होता है तथा अमुक वास्तु रखना अशुभ.किसी चीज़ से घर के सदस्यों के बीच प्यार बढ़ने का दावा किया जाता है तो किसी चीज़ से तकरार बढ़ने का.किसी से घर मे सुख का आगमन बताया जाता है तो किसी से अभाव का.लेकिन सही बात यह है की ये सारी बातें एक अंधविश्वास है क्यूंकी इन बातों मे कोई तर्क नही है.

 

वास्तव मे कोई भी चीज़ शुभ या अशुभ नही होती.किसी भी वस्तु को शुभ या अशुभ बनाता है उसका उपयोग.सीधी सी बात है, यदि किसी वस्तु के ईस्तमाल का परिणाम अच्छा है तो वह वस्तु शुभ और परिणाम अच्छा नही है तो अशुभ होगी.चाकू को ही लीजिए.घर में रोजमर्रा के कामो में उसकी उपयोगिता व महत्त्व को नही नकारा जा सकता.एक सर्जन sergical knife से ऑपरेशन कर मरीज की जान बचाता है.अतः: एक doctor के हाथ का चाकू उपयोगी व अनिवार्य होने के कारण वह शुभ ही माना जायगा.लेकिन यदि वही चाकू का ईस्तमाल किसी व्यक्ति की हत्या जैसे कार्य मे किया जाए तो यह चाकू का दुरपयोग है इसलिए वह चाकू अशुभ माना जायगा.किसी चीज़ का उपयोग ही उसे शुभ या अशुभ बनता है.शुभ या अशुभ का आधार ईस्तमाल की जाने वाली चीज़ की उपयोगिता भी हो सकता है.जिस वस्तु का कोई उपयोग नही वह कैसे शुभ या अशुभ हो सकती है.हां कुछ कलाकृतियाँ हो सकती है ज़रूर जिसका वैसे तो कोई उपयोग नही है पर कला की दृष्टि से वह मूल्यवान हो सकता है.

 

एक व्यक्ति बाजार मे घूम घूम कर एक मूर्ति बेच रहा था और कह रहा था की यह मूर्ति सीधे ज़मीन से प्रकट हुई है और इसलिए यह बहुत ही शुभ है.और इसे जो भी अपपने घर मे स्थापित करेगा उसके घर की सुख और सम्रिधि मे इज़ाफ़ा होगा.एक व्यक्ति ने उस मूर्ति के दाम पूछे, उसने कहा ,”दस हज़ार”.पूछने वाले ने कहा की ऐसी मूर्तियाँ तो एक हज़ार मे आराम से मिल जाती है तो में दस गुना दाम क्यूँ दूं.और जहाँ तक सुख और सम्रिधि की बात है आप खुद इसे अपने घर मे स्थापित कर लेते.यहाँ सड़कों पर क्यू मारे मारे फिर रहे हो और लोगों को ठग रहें है?

 

हमें शुभ या अशुभ के चक्कर मे मूर्ख नही बनना चाहिए.अपनी बुद्धि का ईस्तमाल करके चीज़ो की उपयोगिता पर भी विचार ज़रूर करना चाहिए.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *