About India in Hindi | एक महान राष्ट्र (भारत)

About India in Hindi : आज हम आपको भारत के कुछ अनछुए पहलुओ से रूबरू कराएंगे. तो तैयार हो जाइये एक महान राष्ट्र भारत के बारे में पढने के लिए.

एक महान राष्ट्र (भारत) :

About India in Hindi : ‘भारत भाग्य विधाता‘ एक ऐसा देश, एक ऐसा राष्ट्र जो अपने भाग्य का विधाता स्वयं बना. आखिर क्या नहीं देखा होगा भारत राष्ट्र ने. जिस प्रकार ईश्वर ने हर इंसान की जिंदगियो में उतार – चड़ाव की कड़ियाँ सबको प्रदान की हैं उसी प्रकार इस राष्ट्र ने भी कई उतार – चडावों को पार कर के खुद को उस स्थिति में पहुचायाँ हैं जिसमे आज वो हैं. ये ‘भारत‘ शब्द ही अपने आप में बहुत कुछ समेटे हुवे हैं जिन्हें हम केवल चंद शब्दों में, चंद लाइनों में अथवा चंद वाक्यों में बयान नहीं कर सकते क्युकी इसमें बहुत कुछ हैं चाहे हम बात करे अंग्रेजो की, मुगलों की, सोने की चिड़िया की, संविधानो की या फिर भिन्न भिन्न परिधानों की.
अलग – अलग धर्मो, जातियों, काष्टो और रंग – रूपों में एकता का प्रतीक हैं भारत, औरतो को देवी के रूप में पूजे जाने का स्थान हैं भारत. क्या नहीं हैं यहाँ नदिया, पहाड़, समंदर, प्रकृति की सुन्दरता को और भी सुशोsansभित करती हैं यहाँ के सुंदर दिलो के सच्चे व सीधे साधे लोग, अतिथियों का सम्मान कैसे किया जाता हैं कोई भारतीयों से सीखे. तभी तो यहाँ कहा गया हैं ‘अतिथि देवो भव:’ यानि की मेहमान भगवान समान हैं उनको सदैव खुश रखो. यहाँ की बोली, यहाँ की संस्कृति, एक पवित्र संस्कृति का प्रमाण हैं. यही से दुनिया की सारी भाषाओ की जननी संस्कृत का जन्म हुआ हैं.

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चलिए आगे बढ़ते हैं और बात करते हैं यहाँ की जलवायु की :


About India in Hindi  : वैसे तो यहाँ पर 6 किस्म की जलवायु देखने को मिलती हैं परन्तु एक बहुत बड़ा देश होने के कारण यहाँ पर अलग अलग जगहों में अलग अलग जलवायु देखने को मिलती हैं जैसे दक्षिणी शेत्र यहाँ पर गर्मी अत्यधिक पड़ने के कारण वहाँ की जलवायु ग्रीष्म (summer) होती हैं. परन्तु यहाँ के बहुत से अलग अलग जगह एवं अलग अलग राज्यों में 6 ऋतुए या फिर 4 ऋतुओ का मौसम देखने को मिलता हैं जिसमे की भारत का उत्तरी शेत्र सारी ऋतुओ को 2 – 2 महीनों के अंतराल उपरान्त अपने आप में बदलाव लाता रहता हैं जिसमे की शीत ऋतु, ग्रीष्म ऋतु, वर्षा ऋतुशरद ऋतु देखने को मिलते हैं. इतने सारे अलग अलग ऋतुओ को अपने आप में समेटे हुवे एक ही देश हैं वो हैं भारत.

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राष्ट्र का नाम :


About India in Hindi  : क्या आप जानते हैं. हमारे देश के कई सारे नाम हैं जो की दुनिया के किसी भी देशो के मुकाबले सबसे ज्यादा हैं. जैसे की सबसे पहले भारत को ही ले लीजिये फिर, इंडिया, आर्यावर्त और हिन्दुस्तान. ‘भारत‘ शब्द की उत्पत्ति राजा दुष्यंत व उनकी पत्नी शकुंतला की संतान ‘भरत‘ से पड़ी थी. उनके नाम को ध्यान में रख कर ही भारत देश का नाम पड़ा. इसके बाद इंडिया नाम भारत पर 200 वर्षो तक कब्ज़ा कर तथा इसे गुलाम बनाए रखने वाले अंग्रेजो ने इसे दिया था जो की ‘इंडस‘ नदी से प्रभावित नाम था. इसका सबसे प्राचीन नाम आर्यावर्त हैं. तथा हिन्दुस्तान नाम इसे हिन्दुओ के देश के कारण बहुत पहले दिया गया था. परन्तु आज के समय में ये सबसे ज्यादा इंडिया एवं भारत नाम से ही विश्व में प्रचलित हैं.

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आइये अब बात करते हैं. देश के राष्ट्र प्रतिको के बारे में :


About India in Hindi : सबसे पहले तो यहाँ के राष्ट्रीय ध्वज से शुरुवात करते हैं जो की तीन रंगों से मिल कर बना हैं. इन तीनो रंगों की अपनी अपनी महत्वता एवं अपना कारण हैं. सबसे पहले तो केसरिया रंग जो की देश की समृधता को दर्शाता हैं. इसके बाद बीच में सफ़ेद रंग जो की शांति का समर्थक हैं, अंत में हरा रंग जो की देश की हरियाली का प्रतीक हैं. इसके बाद इसमें बीच में गहरे नीले रंग से सारनाथ के सिंह स्तंभ वाले धर्मचक्र का निशान बना हैं जिसमे की 24 तीलिया हैं.
इसके पश्चात बात करते हैं देश के राष्ट्रगान की जो की देश की महान विभूति और गुरुनाथ रबिन्द्रनाथ टैगोर ने लिखा था ‘जन गन मन‘ जिसको गाने में कुल 52 सेकंड का समय लगता हैं. एवं एक एक शब्द में देश के हर हिस्से का व्याख्यान बहुत ही बखूबी रूप से किया जाता हैं. यहाँ के राष्ट्र पशु हैं बाघ. राष्ट्र पंची हैं मोर, और राष्ट्र पिता हैं महात्मा गाँधी जिनका पूरा नाम मोहनदास करमचन्द गांधी हैं.

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भारत देश व इसके राज्य :


About India in Hindi : भारत देश में कुल मिला कर 29 राज्य हैं

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कुछ इतिहास के पन्नो से :


About India in Hindi  : पुरे विश्व में भारत को जनसँख्या की दृष्टि से दूसरा स्थान प्राप्त हैं जो की लगभग 1 अरब 21 करोड़ हैं एवं शेत्रफल की दृष्टि से इसने सातवा स्थान ग्रहण कर रखा हैं. यहाँ पर संविधान लागू हैं जो की लोगो को उनके अनुसार अपना प्रधानमन्त्री, विधायक अथवा कोई भी नेता चुनने का अधिकार देता हैं. यहाँ पर बहुत मश्कतो के बाद इस राष्ट्र को सही मायने में संविधान क्या होता हैं इसका अनुभव हुआ जिसके कारण इसे अपने बहुत से वीर जवानों की, क्रांतिकारियों की, देशभक्त नेताओ की, और बहुत से सच्चे राष्ट्रवादी नेताओं की कुर्बानी देनी पड़ी तब जाकर ये संविधान हमे प्राप्त हुआ हैं जिसकी आज के यूवा अहमियत नहीं समझते. उन्हें अपना जन्मसिद्ध अधिकार यानि की वोट देने का अधिकार भी अपने समय का दुरूपयोग करना लगता हैं. कभी सोचा हैं आपने? जिन भारतीयों ने हमारे देश को आज़ादी दिलाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की, अपने माता – पिता, बच्चो, भाई – बहनों, रिश्तेदारों, और दोस्तों के बारे में भी एक बार नहीं सोचा उसने आखिर अपनी जान की कुर्बानी दी क्यों होगी? ताकि उसके परिवार को स्वतंत्रता मिल सके? जी नहीं, ये बात उन्हें भी अच्छे से पता थी की आज़ादी के तुरंत बाद ही सब सही नहीं होगा, उस में कुछ वक़्त लगेगा, कुछ समय लगेगा और उनकी जो आने वाली पीढ़िया हैं, जो उनकी आने वाली संताने हैं वो एक आज़ाद देश में पैदा हो पाएंगे. उनके बच्चो को पता होगा की स्वतंत्र रहना कैसा होता हैं. अपनी इच्छा अनुसार वो करना या बनना जो वो बनना चाहते हैं, बिना किसी भेदभाव के वो वो सब हासिल कर पाएंगे जो उन महान आत्माओं ने चाहा था पर अगर वो नहीं कर पाए तो उनके बच्चे करेंगे या आगे आने वाले भारतीय करेंगे. और इस देश को विश्व में उस मुकाम तक ले जाएंगे जिसका ये असली हकदार हैं. इन सभी अनमोल चीजों की खुशिया अपनी आने वाली पीढियों को देने के लिए हमारे क्रांतिकारियों ने अंग्रेजो की नाक में दम कर दिया था उस वक़्त तक जब तक उन्हें मजबूर होकर हमारा देश छोड़ने पर विवश न होना पड़ा. क्या ये आज़ादी मुफ्त में मिल गयी. जी नहीं! उन्होंने वो सब देखा हैं जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते.
ये सब आप पहली बार नहीं पढ़ रहे हैं या फिर यहाँ ऐसा कुछ नहीं हैं जिसका ज्ञान आपको पहले से नहीं हैं. लेकिन हमारी केवल एक छोटी सी कोशिश हैं जिससे की आप जागरूक हो सके और अपने महान भारतीयों, जवानो और उन नेताओ के लिए नतमस्तक हो कर उनका एहसान खुद पर याद करे और इस आज़ादी की अहमियत को पहचाने जिसके लिए उन लोगो ने अपनी जान तक गवा दी उस अधिकार (वोट देने का अधिकार) को पहचाने. आगे बढे और दुसरो को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा दे. क्या कभी आपके दिमाग में ख्याल आया हैं की अंग्रेजो से तो आज़ाद हो गए लेकिन हमने खुदी अपने आप को उन जंजालो में फसा लिया हैं जिनके चंगुल से हम केवल तभी बाहर आ सकते हैं जब हम खुद आना चाहे. और वो सब तभी होगा जब हमे अपने देश से, अपने राष्ट्र से, अपना भारत से सही मायनों में प्रेम करना सीख पाए. जिस पल हम अपने देश से प्यार करने लगेंगे उसी पल से हम सभी अपनी जिम्मेदारियों, अपने कर्तव्यों के प्रति सजग हो जाएंगे और इसी में सभी महापुरुषों को जिन्होंने अपनी जाने खोयी हैं देश को हर पल आज़ादी दिलाने में उनके लिए मरणोपरांत स्वर्ग में जगह और ईश्वर से उनके लिए शांति की कामना कर सकते हैं.

यदि इस विषय से सम्बंधित आपके पास कुछ सुझाव हैं या कुछ और अन्य जानकारी आप हमसे या अन्य पाठको से बाँटना चाहते हैं तो आपका बहुत बहुत स्वागत हैं आप कमेंट सेक्शन में जाकर हमे अपना सुझाव दे सकते हैं. धन्यवाद.

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Hind Patrika

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