Hindi Kahani

सप्तऋषियों की शरण में डाकू रत्नाकर

सप्तऋषियों की शरण में डाकू रत्नाकर

सप्तऋषियों की शरण में डाकू रत्नाकर : डाकू रत्नाकर वापस सप्तऋषियों के पास आया और अपने शस्त्र फेंककर उनके चरणों में गिर पड़ा। आंखों में अश्रु भरकर वह बोला, “हे ऋषिवर ! मुझे क्षमा करें। मेरे मन में संसार की इस मोह-माया और समस्त बंधनों के प्रति विरक्ति भाव उत्पन्न हुआ है। मेरा उद्धार करें।” …

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डाकू की साधना और वाल्मीकि नाम पड़ना

डाकू की साधना और वाल्मीकि नाम पड़ना

डाकू की साधना और वाल्मीकि नाम पड़ना : डाकू रत्नाकर ने सप्तऋषियों के बताए अनुसार माता सरस्वती का आह्वान किया और पद्मासन लगाकर ‘मरा मरा’ का जाप करने लगा, जो लगातार जाप करते रहने से उसके मुख से उलटकर ‘राम राम निकलने लगा। | भूखा-प्यासा वह एक हजार वर्षों तक रामनाम का जाप करता रहा। …

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देवर्षि नारद द्वारा वाल्मीकि ऋषि को उपेदश देना

देवर्षि नारद द्वारा वाल्मीकि ऋषि को उपेदश देना

देवर्षि नारद द्वारा वाल्मीकि ऋषि को उपेदश देना : वाल्मीकि ऋषि ने स्नान-ध्यान किया और देवर्षि नारद ने उन्हें केसरिया अंग वस्त्र प्रदान किए। केशों का जूड़ा बांधा। उनके सारे केश अब तक श्वेत हो चुके थे। नारदजी ने उनसे कहा, “ऋषिवर! इस युग में पवित्र वंश के महान इक्ष्वाकुवंश में दशरथ नंदन श्रीराम का …

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महाकाव्य ‘रामायण’

महाकाव्य 'रामायण

महाकाव्य ‘रामायण’ : श्रीनारद जी ने बीज रूप में वाल्मीकि को श्रीराम का चरित्र सुनाया और आशीर्वाद देकर चले गए। वाल्मीकि मुनि ने श्रीरामचरित्र का मंथन करना प्रारंभ किया और मां सरस्वती से प्रार्थना की, ‘हे देवी! मुझे श्रीराम कथा कहने की शक्ति और वाणी प्रदान करो।” जिस समय वाल्मीकि मुनि देवी सरस्वती की आराधना …

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देवताओं की प्रार्थना

देवताओं की प्रार्थना

देवताओं की प्रार्थना : अयोध्यापति महाराज दशरथ की इस घोषणा से कि श्रीराम राजा बनेंगे, समूची अयोध्या प्रसन्नता के अतिरेक में बहने लगी। अगर बेचैनी थी, तो देवताओं में। देवताओं ने सोचा कि अगर ऐसा हुआ, तो राक्षसों का संहार कैसे होगा। सभी देवताओं ने मिलकर मां सरस्वती का आह्वान किया। मां प्रकट हुईं। देवताओं …

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