Home Akbar Birbal Stories in Hindi चुना खाने वाला सेवक Akbar Birbal Stories in Hindi

चुना खाने वाला सेवक Akbar Birbal Stories in Hindi

by Hind Patrika

चुना खाने वाला सेवक  Akbar Birbal Stories in Hindi

Akbar Birbal Stories in Hindi

Akbar Birbal Stories in Hindi : एक दिन बादशाह अकबर ने देखा कि उनके महल की दीवार का पलस्तर निकल रहा है। उन्होंने जुम्मन नामक एक सेवक को बुलाया और आदेश दिया “जुम्मन, मैं चाहता हूँ कि इस दीवार की मरम्मत की जाए। जाओ इसका पलस्तर ठीक कराओं और थोड़ा चूना लाकर शीघ्रातिशीघ्र इस दीवार पर रंग भी कराओ।” “जैसी आपकी इच्छा, महाराज!” जुम्मन झुककर बोला। अगले दिन बादशाह अकबर ने देखा कि दीवार की मरम्मत नहीं की गई थी। उन्होंने जुम्मन को बुलाया और कहा, “मूर्ख, तूने अभी तक दीवार की मरम्मत नहीं करवाई। तुरंत जा और आधा सेर चूना ले आ।” जुम्मन जल्दी-जल्दी भागते हुए बीरबल से टकरा गया। बीरबल के पूछने पर जुम्मन ने सारी बात बता दी। “क्या महाराज गुस्से में हैं?” बीरबल ने पूछा। “हाँ, श्रीमान्” जुम्मन ने जवाब दिया। “जाओ दो कटोरे ले आओ। एक कटोरे में थोड़ा चूना रखो और दूसरे में वह चीज रखो, जो मैं तुम्हें दूँगा। गुस्से में महाराज तुम्हें चूना खाने को अवश्य ही कहेंगे।

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Akbar Birbal Stories in Hindi : जब महाराज ऐसा कहें, तो तुम उस कटोरे में से खाना, जिसमें मैं तुम्हें कुछ दूँगा।” जुम्मन मान गया। जुम्मन आधा सेर चूना लेकर बादशाह के सामने पेश हुआ। बीरबल की भविष्यवाणी बिल्कुल सही निकली। क्रोधित बादशाह ने जुम्मन को चूना खाने का आदेश दे दिया। परंतु जुम्मन ने बीरबल द्वारा दी गई वस्तु कटोरे में से खा ली। बादशाह यह देखकर हैरान हो गए कि जुम्मन उनकी आज्ञानुसार बड़े शांतभाव से चूना खाए जा रहा है। बादशाह को जुम्मन पर बड़ा तरस आया। उन्होंने जुम्मन से कहा “बस करो, अब बहुत हो गया। तुम जा सकते हो।” जुमन के जाने के पश्चात् बादशाह ने सोचा ‘इतना सारा चूना खा जाने के बाद बेचारा जुम्मन बीमार हो जाएगा।” अगले दिन जुम्मन को स्वस्थ पाकर बादशाह हैरान हो गए। वे अपने मन में सोचने लगे “इसका अर्थ यह है कि जुम्मन की पाचन-क्रिया बहुत अच्छी है। मैं दोबारा इसकी परीक्षा लूँगा।” उन्होंने दोबारा जुम्मन को थोड़ा चूना लाने का आदेश दिया।

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Akbar Birbal Story

Akbar Birbal Stories in Hindi : जुम्मन भागकर बीरबल के पास सहायता के लिए पहुँचा। बीरबल ने जुम्मन को पहले की तरह ही दो कटोरे लेकर जाने की सलाह दी। एक बार फिर बादशाह अकबर ने जुम्मन को चूना खाने को कहा, परंतु इस बार दोनों कटोरों में से खाने की कहा। जुम्मन पहले से ही राजा की आज्ञा का पालन करने के लिए तैयार था और उसने राजा की आज्ञानुसार दोनों कटोरों में रखी वस्तु को खा लिया। अगले दिन बादशाह ने जुम्मन को फिर स्वस्थ अवस्था में काम करते हुए पाया। उन्होंने जुम्मन को अपने पास बुलाया और कहा “जुम्मन, कल चूने के कटोरे लाते समय तुम्हें देरी क्यों हो गई ?” “महाराज! मैं रास्ते में बीरबल जी से मिला था। उन्होंने मुझे एक छोटा-सा काम दिया था, उसे पूरा करने में मुझे कुछ समय लग गया था। इसी कारण मुझे कल थोड़ी देरी हो गई थी।” जुम्मन बोला। तब बादशाह अकबर ने जुम्मन को चूने के कटोरे लाने को कहा। जाँच करने पर पाया कि कटोरों में चूने के स्थान पर सफेद मक्खन था। बीरबल ने जुम्मन से चूने के कटोरे में सफेद मक्खन रखने के लिए कहा था ताकि जब बादशाह क्रोध में उसे खाने के लिए कहें, तो वह सरलता से खा सके। बादशाह अकबर, बीरबल की दूसरों की रक्षा करने वाली तरकीबों को देखकर आश्चर्यचकित हो गए।

और कहानियों के लिए देखें : Akbar Birbal Stories in Hindi

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