Essay on Diwali in Hindi : भारत त्योहारों का देश हैं। यहां हर छोटी – बड़ी खुशी को त्यौहारों के रुप में मनाते हैं। भारत के सबसे बड़े त्यौहारों में से एक हैं दीपावली। कुछ जगहों पर इसे दीवाली भी कहते हैं। दीपावली यानि  प्रकाश का त्यौहार, खुशियों का त्यौहार, उल्लास का त्यौहार। दीपावली का शाब्दिक अर्थ होता है ‘प्रकाश की पंक्ति’। दीपावली को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक मानते हैं।

इस दिन लोग अपने घरों को दियों से सजाते हैं और इन्हीं दियों की रोशनी से पूरा देश जगमगाता है। यह दिन बताता है कि बुराई चाहें कितनी भी ताकतवर हो, जीत हमेशा सच्चाई की होती है और अंधेरा जितना भी घना हो, उसके बाद रोशनी जरूर आती है।

कब मनाई जाती है दीपावली  | Essay on Diwali in Hindi

Essay on Diwali in Hindi : दीपावली कार्तिक महीने की अमावस्या को मनाई जाती है। अमावस्या की अंधरी रात को असंख्य दियों की रोशनी से रात भी जगमगाने लगती है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार यह त्यौहार अक्टूबर या नवंबर महीने में आता है। इस त्यौहार तक गर्मियों की फसल कट जाती है। यह त्यौहार नए अनाज के आने की खुशी में भी मनाया जाता है।

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क्यों मनाई जाती हैं दीपावली | Essay on Diwali in Hindi

Essay on Diwali in Hindi : जब त्रेतायुग में भगवान राम चौदह साल का वनवास काटकर भाई लक्ष्मण और सीतामैया के साथ अयोध्या लौटे तो अपने प्रिय राजा राम के वापस आने की खुशी में पूरे राज्य ने घी के दिए जलाए। तभी से यह पर्व हर साल मनाया जाता है। भगवान राम के अयोध्या लौटने की खुशी में दीपावली मनाई जाती है।

इसके अलावा कार्तिक महीने के इसी दिन पांडव भी 13 साल का वनवास काटकर वापस अपने राज्य लौटे थे। शकुनी मामा की शतंरज की चाल ने पाड्वों से सब कुछ छीन लिया था, जिस कारण उन्हें 13 साल वन में रहना पड़ा। जब पाड़व वापस आए तो राज्य के लोगों ने घी के दिए जलाकर उनका स्वागत किया।

एक और कथा के अनुसार इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने क्रूर राक्षस नरकासुर का वध किया था। इसके अलावा इसी दिन समुद्र मंथन से माता लक्ष्मी ने सृष्टि में अवतार लिया था और विष्णु भगवान को अपना पति चुना था। लक्ष्मी समृद्धि की देवी है, इसलिए दीपवली के दिन लक्ष्मी की पूजा की जाती है।

दीपावली के पांच दिन | Essay on Diwali in Hindi

Essay on Diwali in Hindi : दीपावली पांच दिनों तक चलने वाला त्यौहार है। इसमें हर दिन अलग – अलग देवाताओं की पूजा होती है और हर दिन को अलग  तरीके से मनाया जाता है।

  • धनतरेश

दीपावली त्यौहार के पहले दिन की शुरूवात धनतरेश के रुप में होती है। इस दिन लोग बाजार जाकर खरीददारी करते हैं। इस दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है। लोग मां लक्ष्मी के चरणों की छाप दरवाजे पर लगाते हैं। इस दिन यमराज की पूजा भी की जाती है और पूरी रात दीप जलाए जाते हैं, जिसे यमदीपदान भी कहा जाता है। इसमें असमय मृत्यु के ड़र को दूर किया जाता है।

  • नरक चतुर्देशी

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान किया जाता है। किवंदति हैं कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने क्रूर राक्षस नरकासुर का वध कर 16 हजार युवतियों को कैद से मुक्त कराया था। कैद से छुटने के बाद महिलाओं ने संगुधित तेल की मालिश की और शरीर की गंदगी को दूर करने के लिए स्नान किया।

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  • लक्ष्मी पूजन

यह दीपावली का महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन घरों में स्वादिष्ट पकवान बनते हैं। मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है। घरों को प्रकाशमय बनाया जाता है। लोगो एक – दूसरे के घरों में मिठाई और उपहार भेजते हैं। अमावस्या की काली रात होने के बावजूद भी पूरे धरतीलोक में दियों से उजियारा फैला हुआ होता है। आतिशबाजियां होती है। कई जगहों पर दीपावली के मेले भी लगते हैं।

  • गोवर्धन पूजा

इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उंगूली पर उठाकर इंद्र का घंमड़ तोडा था।  इस दिन गोवर्धन पूजा की जाती है।

  • भैयादूज

यह दिन भाई और बहिन के प्यार का प्रतीक है। इस दिन बहिनें अपने भाई को तिलक लगाती है और भाई अपनी बहिनों को उपहार देता है।

कैसे मनाई जाते है दीपावली | Deepavali in Hindi

Deepavali in Hindi : दीपावली का त्यौहार हर्षैल्लास से मनाया जाता है। इस दिन के लिए हफ्ते भर पहले ही घरों की रंगाई – पुताई की जाती है। पूरे घर की सफाई की जाती है। दीपावली के आंगन में रंगोली बनाई जाती है और स्वादिष्ट पकवान बनाए जाते हैं। अंधेरा होते ही पूरे घर और आस – पास दिए जलाए जाते है। अब लोग तरह – तरह की बल्ब और लाइटों से घर को सजाते हैं। दीपवली पर बच्चे पटाखे जलाते हैं। महिलाएं और पुरूष लोकगीत गाते हैं और नाचते हैं। लोग एक – दूसरे को मिठाईयां बांटते हैं।

दीपावली के दुष्प्रभाव | Deepavali in Hindi

Deepavali in Hindi : दीपावली बुराई पर अच्छाई की जीत है। यह बहुत ही पावन पर्व है लेकिन कुछ लोग इस त्यौहार की अवधारणा को नहीं समझते हैं और वहीं करते हैं जो उनके मन में आता है। नतीजन दीपावली पर कई समस्याएं उत्पन्न होती है जैस –

  • वायु प्रदूषण

बच्चे तो बच्चे लेकिन कई बड़े लोग भी अंधाधुंध आतिशबाजी करते हैं, जिससे पर्यावरण प्रदूषण बढ़ जाता है। कई बार पटाखे जलाने के चक्कर में आग लग जाती हैं या आस – पास मौजूद लोग चोटिल हो जाते हैं। ऐसे में खुशियों का त्यौहार मातम में बदल जाता है। इसलिए दीपावली के बिगड़ते स्वरुप का नतीजा है कि पटाखे और आतिशबाजी से पर्यावरण प्रदूषित हो जाता है।

  • जुआ

कुछ लोग दीपावली के दिन जुआ खेलते हैं। इस दिन सट्टा बाजार खूब फलता – फूलता है। लेकिन जहां एक तरफ इस दिन समृद्धि की देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है, वहीं जुआ खेलकर उस लक्ष्मी का अपमान किया जाता है। कई लोगों की सालों की कमाई जुएं में चली जाती है।

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Essay on Diwali in Hindi : दीपावली भारत का सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। यह पूरे देश में मनाया जाता है। इस त्यौहार के कारण कई घरों में चूल्हें जलते हैं क्योंकि दीपावली पर लोग खरीददारी ज्यादा करते हैं, जिससे कई लोगों का पेट भरता है। यह रोशनी का त्यौहार है। बुराई पर अच्छाई की जीत का त्यौहार है। बस जरूरत हैं कि इस त्यौहार को भी शालीनता से मनाया जाए ताकि पर्यावरण के साथ – साथ हमारी सेहत भी सही रहें। बच्चों को पटाखों और आतिशबाजी से दूर रखें और जुएं से भी दूर रहें। तभी दीपावली मनाने की सार्थकता है।

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Hind Patrika

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