Help Yourself Out of Depression and Suicidal Tendency in Hindi | अपने आप को डिप्रेशन से कैसे निकाले

Help Yourself Out of Depression and Suicidal Tendency in Hindi

Help Yourself Out of Depression and Suicidal Tendency in Hindi : इस लेख में हम आपको depression और suicidal tendency के बारे में एक दो चीज़े बताएंगे. depression यानी अपवाद और suicidal tendency मतलब आत्महत्या की प्रवर्ती. अब देखिये depression और suicidal tendency कोई अलग लग चीज़े नहीं होती बल्कि एक ही सिक्के से दो पहलु होते हैं. जब depression बहुत ज्यादा बढ़ जता हैं तो आदमी के अंदर आत्म हत्या की प्रवर्ती आ जाती हैं अब हम आपको एक example देते हैं जिससे आपको clearly समझ में आ जाएगा की आदमी के अंदर depression कहाँ से शुरू होगा और आत्म हत्या की प्रवर्ती कहाँ से आना शुरु होगी. एक student हैं और उसने सोच की चलो एक competitive exam की तैयारी करते हैं और उसने किसी class join कर ली. चार महीने में maths, english और reasoning ये तीनो का course खत्म हो गया. general knowledge और general awareness की क्लासेज हमेशा ही चलती रहती हैं.

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Help Yourself Out of Depression and Suicidal Tendency in Hindi

Help Yourself Out of Depression and Suicidal Tendency in Hindi :

अब परेशानी यहाँ से शुरू होती हैं की जैसे ही चार महीने का course खत्म हुआ वैसे ही आदमी क्या करता हैं की जितनी भी vacancies निकलती हैं हर जगह पर apply करना शुरू कर देता हैं. अब तुम्हारा तो खली course खत्म हुआ हैं, खाली syllabus खत्म हुआ हैं. चार महीने का और वो भी उसकी आपने practice नहीं की हैं और competition किससे हैं? competition उनसे हैं जो दो – दो, चार – चार या छै – छै साल से practice कर रहे हैं. और चार महीने जब coaching चल रही थी तो जितने सवाल लगाए होंगे उतने तो sets की practice कर चुके हैं ये लोग. यानी इस candidate को तो ये भी नहीं मालुम होगा की exam में जो question paper आएगा उसका pattern क्या होगा और दूसरी तरफ वो compete उन लोगो से कर रहे हैं जिन्हें ये तक पता हैं की इस सवाल को कितने तरीके से पुचा जा सकता हैं. अब इसके बाद क्या होता हैं.

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Help Yourself Out of Depression and Suicidal Tendency in Hindi : form तो भर दिए. जैसे जैसे exams होते जाएंगे जैसे जैसे results आते चले जाएंगे. इस student को ये लगता चला जाएगा की मैं इतने forms भर रहा हूँ, इतने exams दे रहा हूँ पर मेरा selection कही पर भी नहीं हो रहा हैं. 365 दिन खत्म होने से पहले ये जो candidate हैं जिसने चौथे महीने से form भरना शुरू आर दिए थे ये depression की स्थति में आना शुरू हो जाएगा अब ये तो केवल एक factor हैं दुसरे भी factor हैं उनके बारे में भी जान लीजिये. रिश्तेदार पूछते हैं क्या कर रहे हो? और ये candidate बताता हैं की मैं इस समय competitive exam की तैयारी कर रहा हूँ. साल खत्म होते होते ये पूछने लग जाते हैं की selection हुआ कही पर और ये candidate से भी पूछते हैं और उसके माता पिता से भी पूछते हैं की तुम्हारा लड़का तैयारी कर रहा था कही selection हुआ या नहीं इसका जवाब बार बार नहीं में आता हैं ये जो psychological pressure हैं ये build होना शुरू हो जाता हैं बुरी तरीके से.

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Help Yourself Out of Depression and Suicidal Tendency : दूसरा factor – इसीलिए candidate के जो दुसरे दोस्त थे जो किसी private company में काम कर रहे थे उनका package अब बढ़ चूका हैं और ये लोग अपनी तनख्वाह बढ़ने की ख़ुशी में पार्टी देते हैं. psychological pressure और भी ज्यादा बढ़ गया.

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तीसरा factor – ये सबसे ज्यादा खतरनाक factor हैं. जिस coaching आप जा रहे थे वहां आपके साथ वाले mate का selection हो गया. वैसे तो ये mate तैयारी तो चार साल से कर रहा होता हैं पर आपको तो आएं हुवे चार महीने ही होते हैं पर ये आपसे खत हैं की मुझे तो सिर्फ 1 साल ही हुआ हैं तयारी करते हुवे. ये चीज़ इस candidate के दिमाग में घर कर जाती हैं की हर महीने उन candidates का selection हो रहा हैं जो चार चार, छै छै साल से तैयारी कर रहे थे और ये बोल बोल के कर रहे थे की मुझे तो एक साल ही हुआ हैं. 2 साल खत्म होने तक इतने सारे psychological pressure develope हो जाते हैं की आदमी के अंदर आत्महत्या की परवर्त्ती पैदा हो जाती हैं. पर इसका मतलब ये नहीं हैं की किसी भी competitive exam को पार करने में चार साल लगते हैं या 6 साल लगते हैं. जितनी मेहनत किसी भी आदमी ने चार या छै साल में करी हैं उतनी मेहनत आप एक साल में कर लो आपका सिलेक्शन हो जाएगा. पर competitive exam में select होना खाली मेहनत की चीज़ नहीं होती आपके पास एक stratergy होनी चाहिए, आपके पास question paper की पूरी जानकारी होनी चाहिए. आपको ये मालुम होना चाहिए की आप किस चीज़ में Score कर सकते हैं, आपको ये भी मालुम होना चाहिए की आप किस चीज़ में कमजोर हैं और उस कमजोरी को दूर करने की stratergy क्या हैं? और अगर उस stratergy पर आप time table बना कर ,मेहनत करोगे तो आपका selection कोई भी नहीं रोक सकता. देखिये जो आदमी शुरुवात से ही inspirational और motivational type की कहानियाँ पढ़ता हैं या movies देखता हैं तो जैसे ही उसके सामने परेशानी आती हैं वैसे ही वो समझ जाता हैं की अभी तो ये शुरुवात हैं आगे जाकर तो स्थिति और भी ज्यादा खराब होने वाली हैं और य भी की वो जो खराब स्थिति हैं वो थोड़े समय तक रहेगी उसके बाद उछाल आएगा, उसके बाद जाकर अच्छी situation आएगी. उसका atitude ही वैसे हो जाता हैं पर जैसा की हमने देखा हैं की ज्यादातर students जो होते हैं वो course के बाहर का कुछ नहीं पढ़ते और इसलिए जो student एक साल की मेहनत के बाद थोड़े से depression की स्थिति में आ रहा हैं. इसको आप चाहे कितनी भी inspirational और motivational type की कहानियाँ पढ़ वालो इसको कुछ फर्क नहीं पड़ने वाला उससे.

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Help Yourself Out of Depression and Suicidal Tendency in Hindi : prevention is better than cure. अगर किसी को मलेरिया हो जाता हैं तो बाद में मच्छर मारने से कोई फायदा नहीं रहता तो मरीज मलेरिया का इलाज़ करवाता हैं. अब इसके साथ दूसरी समस्या भी निकल कर आती हैं और वो ये की जिस आदमी को depression होता हैं उसे बहुत समय तक मालुम ही नहीं होता की उसे depression हैं इसलिए समस्या जो हैं वो और भी ज्यादा बढ़ जाती हैं. हाथ आपके ठन्डे रहते हो गर्मियों में भी, आपका दिमाग अगर गरम type का लगता हो, शरीर में भारीपन महसूस होता हो, आपका किसी भी काम में मन नहीं लगता हूँ, आप चीज़े भूल जाते हो, हर तरफ आपको निराशा ही निराशा ही दिखती हो, आपके शब्दों का उच्चारण सही तरीके से नहीं कर पाते हो, आप छोटी से छोटी चीज़ के बारे में भी लम्बी planning करे, बहुत देर देर तक सोचते रहे, हमेशा अगर आप ये सोचते रहे की कुछ बुरा हो जाएगा, किसी भी काम में मन ना लगे, और आप कुछ भी पढ़ रहे हैं बिलकुल भी समझ में ना आए, अगर आका मुह सुखा हां रहता हैं मतलब हलक आपका सुखा हुआ हो पर आपको प्यास भी नहीं लग रही हैं तो आप समझ जाइये की ये depression हैं और उसकी शुरुवात हो चुकी हैं अब इस चीज़ पर भी ध्यान दीजिये की ये एक दिन की स्थिति नहीं हैं अगर आप ये महसूस कर रहे की ये सारे लक्षण जो मैंने बताए हैं ये करीब एक या दो महीने से महसूस कर रहे हैं तो ये depression हैं. और अगर इस तरह की स्थिति हैं तो आपको बिलकुल medical help लेना चाहिए.

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Help Yourself Out of Depression and Suicidal Tendency in Hindi

Help Yourself Out of Depression and Suicidal Tendency in Hindi : depression को लम्बे समय तक्क बिलकुल भी नहीं रहने देना चाहिए इस वजह से आपकी शारीरिक और मानसिक समस्याए बहुत ही ज्यादा बढ़ जाएंगी, इस चीज़ को आप अपने दिमाग से बिलकुल निकाल देना की ये चीज़ अपने आप सही हो जाएगी. 66% लोग जो होते हैं अगर उनको मालूम भी हो की उन्हें depression हैं तो भी वो अपना इलाज नहीं करवाते जब तक स्थिति बिलकुल काबू से बाहर नहीं हो जाती तब तक लोग psychiatrit से मिलने से बचते हैं क्युकी उन्हें वो पागलो का doctor समझते हैं और जब तक case किसी doctor के पास जाता हैं तब तक case वाकई में बहुत बुरी तरीके से बिगड़ चूका होता हैं बिलकुल out of control वाली situation हो जाती है. अब मरीज को control में ला ना हैं तो एक दम से बहुत heavy dose देना पड़ेगा और heavy dose की खासियत ये हैं की एक बार अगर heavy dose दे दिया तो जो patient हैं वो कभी भी light dose में respond नहीं करेगा. मतलब अब जब स्थति आगे खराब होगी तो फिर दोबारा उसे heavy dose ही देना पड़ेगा. light dose में काम नहीं चलेगा. अब एक सवाल ये उठता हैं की इतना heavy dose क्यूँ दे रहे हैं.

Help Yourself Out of Depression and Suicidal Tendency in Hindi : heavy dose इसलिए देना पड़ रहा हैं क्युकी मरीज अपनी condition बिगाड़ के लाया हैं की अगर उसे light dose देंगे तो कोई फायदा ही नहीं होगा. दूसरी स्थिति ये हैं की अगर उतना heavy dose नहीं दे तो स्थिति उससे भी ज्यादा खराब हो जाएगी इसलिए हीअव्य dose देना पड़ता हैं फिर एक सवाल ये उठा की अगर depression जैसी स्थिति हो तो असल में करना क्या चाहिए तो इसका जवाब हैं की जी ही depression के symptoms दिखना शुरू हो सबसे पहले homopathy doctor के पास जाना चाहिए. अगर आप initial stage में ही homopathy doctor के पास जा रहे हो तो कोई भी दिमागी परेशानी हो वो बिलकुल जड़ से खत्म हो जाएगी. इस चीज़ को बहुत अच्छे से समझ जाइये. तो हमने आपको symptoms बता दीजिये. अब अगर आपको symptoms दिख रहे हैं तो आप किसी homopathy doctor के पास चले जाओ उससे जाकर बोलो की मुझमे आत्विश्वास की कमी हैं मैं depression feel करता हूँ और मुझे लगता हैं हो ना हो मुझे लगता हैं कुछ ना कुछ जरुर बुरा हो जाएगा. और वो जो दवाई देगा अधिक से अधिक 3 दिन के अंदर आप depression से बाहर आ जाओगे आप doctor से जा कर बोलो की sir, मैं दिन दिन भर पढता रहता हूँ, और जितन भी पढ़ लूँ मुझे कुछ भी याद नहीं रहता अब जो वो doctor दवाई देगा आपको एक हफ्ते के अंदर आपको अपनी memory में improvements नज़र आने लग जाएंगे. आप बोलो की sir, मेरा ऐसा मन करता हैं की खुद को कुछ कर लू, आत्महत्या कर लूँ यानी आत्म्ह्हत्य की परवर्त्ती और इस चीज़ की दवाई इस परवर्त्ती दवाई केवल homopathy में ही हैं. एक dose के अंदर मतलब एक दिन के dose के अंदर आपकी आत्महत्या की इच्छा खत्म हो जाएगी अब इस चीज़ को भी समझ लीजिये की ज्यादातर लोगो में ये धारणा हैं की homopathy जरा देर से फायदा करती हैं या homopathy medicines का कोई फायदा नहीं होता.

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Help Yourself Out of Depression and Suicidal Tendency in Hindi :  homopathy medicines कहे तो जादू की तरह काम करती हैं. लोगो को केवल बस ये चीज़ मालूम नहीं होती की homopathy medicine हमेशा खली पेट लेना चाहिए, आधे घंटे पहले और एक घंटे बाद तक कुछ भी नहीं खाना चाहिए. और दूसरी चीज़ जो हैं punctuality यानी homopathy की गोली उतने दिन, उतनी बार, सही समय पर खाते रहना चाहिए, उसका पूरा course complete करना ही करना चाहिए. homopathy में सबसे ज्यादा दवाइयां जो हैं सबसे ज्यादा दवाइयां फितूर से related हैं. आप जाकर doctor से बोलो की sir,मेरा पढाई में मन नहीं लगता और अगर वो छना हुआ doctor हैं तो आपको वो उस चीज़ की भी दवाई दे देगा. और दूसरा सबसे बड़ा फायदा homopathy medicines का ये हैं की इसका side इफ़ेक्ट कुछ भी नहीं होता पर इसका मतलब ये नहीं हैं की आप कुछ भी खा सकते हैं. माँ लेते हैं आपको बुखार नहीं आ रहा और आपने जा क्र doctor से बोला की मुझे बुखार आ रहा हैं और doctor ने आपको दवाई दे दी और अब अगर आपको बुखार नहीं आता था तो अब आपको बुखार आने लग जाएगा. that is the point अब ये तो हुई इमानदारी की चीज़.

Help Yourself Out of Depression and Suicidal Tendency in Hindi : देखिये हूम सभी लोगो के साथ ये समस्या हैं की हम लोग concentrate नहीं कर पाते. हम लोग जो भी याद करना चाहते हैं वो याद नहीं पाटा हमे, याद रह नहीं पाटा. ऐसा होता हैं ना? exam होने वाले अं आप homopathy doctor के पास जाओ और बोलो की sir, मैं concentrate नहीं कर पा रहा जो कुछ भी याद रखना चाहता हूँ मैं कितना भ पढ़ लेता हूँ मैं भूल जाता हूँ और आपका दिमाग आपके exams में आपका पूरा साथ देगा.

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