History of Computer in Hindi | कंप्यूटर का इतिहास

History of Computer in Hindi | कंप्यूटर का इतिहास

History of Computer in Hindi

History of Computer in Hindi : कंप्यूटर आजकल के ज़माने में एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बन चूका हैं जिसे हम एक डिवाइस ना कह कर अगर लोगो की जरुरत कहे तो ज्यादा तर्कसंगत बात लगती हैं. वैसे तो ये बात काफी आम हैं की समय के साथ साथ जैसे जैसे लोगो में बदलाव होता हैं उसी प्रकार उनके द्वारा इस्तेमाल करने वाली तकनीको में भी बदलाव होता हैं यानी की बदलाव एक जिंदगी का अहम हिस्सा बन चूका हैं परन्तु यदि हम इस बदलाव को ना देख कर उस समय को देखे जब कंप्यूटर की शुरुवात भी नहीं हुई थी तो उस समय पर विश्वास ही नहीं होता की कभी ऐसा भी समय रहा होगा. आजकल हमे हर जगह पर कंप्यूटर दिखना आम बात हो गया हैं फिर चाहे वो किसी अफसर का सरकारी दफ्तर हो या कोई प्राइवेट ऑफिस साथ ही साथ हमे घरो में भी पर्सनल कंप्यूटर यानी की ड़ेक्सटोप देखने को मिल जाता हैं. किसी भी तरह का इन्टरनेट से जुड़ा हुआ काम हो कंप्यूटर उसके लिए मध्यांतर का काम करता हैं. वैसे तो आज के समय में हर किसी के हाथो में स्मार्ट फ़ोन भी दिखता हैं जो खुद भी इन्टरनेट के काम को करना सरल बनाता हैं परन्तु एक बड़ी स्क्रीन मोबाइल की छोटी स्क्रीन के मुकाबले ज्यादा बेहतर लगती हैं.

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कंप्यूटर के सेट

History of Computer in Hindi

 

History of Computer in Hindi : कंप्यूटर अपने आप में एक बहुत बड़ा सेट होता हैं अलग अलग डिवाइसस का जो कुल मिला कर साथ में कंप्यूटर को कंप्यूटर बनाते हैं.
History of Computer in Hindi : जैसे की इसमें सबसे पहले तो और सबसे महत्वपूर्ण चीज़ सी. पी. यु यानि की सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट जो की वास्तव में एक पूरा कंप्यूटर होता हैं सारी मेमोरी और सारा काम सी. पी. यु द्वारा ही चलाया जाता हैं इसमें एक मदर बोर्ड होता हैं जो सी. पी. यु को इंस्ट्रक्शन देता हैं की यूजर की जरूरतों के हिसाब से क्या काम किया जाए. इसके बाद दुसरे नंबर पर यु. पी. एस. यानी की अनइंटरपटीड पॉवर डिवाइस जो की बिजली द्वारा आए गए झटको से कंप्यूटर को शोर्ट सर्किट होने से बचाता हैं क्युकी इसे खुद इस तरीके से डिज़ाइन किया गया हैं जिससे की ये बड़े से बड़े झटके सहन कर सके. इसके बाद आता हैं स्क्रीन जिसमे यूजर अपने द्वारा की गयी सारी एक्टिविटीज देखता हैं एवम इसी की मदद से वो ये समझ पाता हैं की कंप्यूटर में चल क्या रहा हैं. इसके बाद कीबोर्ड जिसमे की अलग अलग तरीके की कीस होती हैं, बटन होते हैं जिनके ऊपर लिखा होता हैं की कौन सी ‘की’ को दबा कर क्या शब्द लिखा जा सकता हैं. आमतौर पर कीबोर्ड में अंग्रेजी अथवा इंग्लिश भाषा का प्रयोग होता हैं तथा साथ ही साथ इसमें 0 से लेकर 9 तक के नंबर दिए जाते हैं जिनसे यूजर कोई भी नंबर और कोई भी सेंटेंस या वाक्य लिख सकता हैं. इसके बाद इसमें 2 और महत्वपूर्ण डिवाइसस आती हैं जो की होते हैं स्पीकर्स और माउस. स्पीकर्स द्वारा कोई भी ऑडियो चलाए जाने पर स्पीकर्स द्वारा ही आवाज़ बाहर आती हैं और यूजर को सुनाई पड़ता हैं इसके बाद माउस का काम स्क्रीन के अंदर के करसर को किसी भी हिस्से पर ले जाकर यानी की किसी भी आइकॉन पर ले जाकर उसे ओपन, क्लोज या जो कुछ भी यूजर करना चाहता हैं उसके अनुसार होता हैं करसर काम करता हैं.

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आइये अब बात करते हैं कंप्यूटर के इतिहास के बारे में:

History of Computer in Hindi

History of Computer in Hindi : सबसे पहले तो कंप्यूटर शब्द अंग्रेजी भाषा के कंप्यूट शब्द से निकला हैं जिसका अर्थ होता हैं गिनना यानी की गणना करना इससे आप यह समझ सकते हैं की इसको बनाने के पीछे असली उद्देश था गणना में तेज़ी लाना क्युकी किसी व्यक्ति विशेष द्वारा केवल कुछ हद तक ही गणना करना आसान हैं और यदि वो लिख कर गिनता हैं तो उसमे कुछ वक़्त लगता हैं. इसीलिए कंप्यूटर बनने से पहले कैलकुलेटर की उत्पत्ति हुई जो की 17वीं शताब्दी में डानन नेपियर ने बनाया था लेकिन इसकी एक कमी थी की ये सिर्फ 6 लोगो को मिला कर उनके जितनी ही गणना कर सकता था.

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father of computer

History of Computer in Hindi

History of Computer in Hindi : 1822 father of computer यानि की चार्ल्स बैब्बज ने डिजिटल कंप्यूटरो की शुरुवात की. 1937 में उन्होंने ऐसे कंप्यूटरो के बारे में दुनिया के सामने अपने विचार रखे जिस में कृत्रिम स्मृति और प्रोग्राम के अनुसार गिनने की क्षमता थी.

History of Computer in Hindi : कंप्यूटरो की शुरुवात से यानी की 600 ईसा पूर्व से अगर हम अबतक देखे तो हमे इसमें कंप्यूटर के एवोलुयशन की प्रक्रिया 5 रूपों में दिखती हैं जिसमे इसका धीरे धीरे विकास होकर हमे ये उस स्थिति में दिखता हैं जैसा की ये आज हैं. आप सोच सकते हैं किसी गणना करने वाले कैलकुलेटर से शुरुवात करके आज हमे इसके बहुत सारे रूप देखने को मिलते हैं जैसे. डेक्सटोप, लैपटॉप, नेटबुक और आदि. जो की एक कैलकुलेटर से बहुत ज्यादा हैं.

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कंप्यूटर जनरेशन :

History of Computer in Hindi

History of Computer in Hindi : 1964 वेह दूर था जब कंप्यूटर को कंप्यूटर जनरेशन कहा जाने लगा.
कंप्यूटर विकास की पहली पीढ़ी – वैक्यूम टूयूब्स थी जो की 1940 से लेकर 1956 तक रही.
कंप्यूटर विकास की दूसरी पीढ़ीट्रांजिस्टर थी जो की 1956 से 1963 तक रही.
कंप्यूटर विकास की तीसरी पीढ़ी – इंटीग्रेटेड सर्किट जो की 1964 से 1971 तक रही.
कंप्यूटर विकास की चोथी पीढ़ी – माइक्रोप्रोसेसर जो की 1971 से 1985 तक रहा.
कंप्यूटर विकास की पांचवी पीढ़ी – आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस जो की 1985 से अब तक अस्तित्व में हैं.
और अब इस तरीके के कंप्यूटर बनने जा रहे हैं जिसमे कंप्यूटर की मदद से रोबोट बनाए जा रहे हैं जो की बिलकुल वही काम कर सकेंगे जैसा की एक इंसान कर सकता हैं और रोबोट होने के कारण ही ये कई मायनो में मुनष्य से अधिक शक्तिशाली व सक्षम होगा.

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4 comments

    1. देखे तो हमे इसमें कंप्यूटर के एवोलुयशन की प्रक्रिया 5 रूपों में दिखती हैं जिसमे इसका धीरे धीरे विकास होकर हमे ये उस स्थिति में दिखता हैं जैसा की ये आज हैं. आप सोच सकते हैं किसी गणना करने वाले कैलकुलेटर से शुरुवात करके आज हमे इसके बहुत सारे रूप देखने को मिलते हैं जैसे. डेक्सटोप, लैपटॉप, नेटबुक और आदि. जो की एक कैलकुलेटर से बहुत ज्यादा हैं.

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