Home Hindi Quotes महात्मा गाँधी के बारे में जानकारी तथा उनके कोट्स

महात्मा गाँधी के बारे में जानकारी तथा उनके कोट्स

by Hind Patrika

Information About Mahatma Gandhi in Hindi

Information About Mahatma Gandhi in Hindi

Mahatma Gandhi in Hindi

जन्म : 2 October 1869 पोरबंदर, काठियावाड़, गुजरात, भारत

मृत्यु : 30 जनवरी 1948 (78 वर्ष की आयु में) नई दिल्ली, भारत

राष्ट्रीयता : भारतीय

शिक्षा : युनिवर्सिटी कॉलिज, लंदन

धार्मिक : मान्यता हिन्दू

जीवनसाथी : कस्तूरबा गाँधी

Mahatma Gandhi in Hindi

Mahatma Gandhi in Hindi
Mahatma Gandhi in Hindi : महात्मा गाँधी एक ऐसा नाम, एक ऐसी शख्सियत जो हर भारतीय के मन में बसी हुई हैं. एक ऐसा शख्स जिसकी ही वजह से आज हम सभी भारतीय हैं. एक ऐसा इंसान जो केवल नाम से ही महात्मा नहीं बल्कि काम से भी महान आत्मा था. एक पतली सी लंगोट, हाथ में लाठी, आँखों में ऐनक पहने एक मंझले कद कांठी का बुढा सा व्यक्ति जिसके विचारों ने अंग्रेजी शासन की कठोर एवं क्रूर बेडियो से बंधे हर हिन्दुस्तानी के मन में स्वतंत्रता का दीपक जलाया एवं उसी दीपक से निकली क्रांति की चिनगारियो को ज्वालामुखी का रूप देकर गोरो को हमारा देश छोड़ कर जाने पर विवश किया. महात्मा गाँधी वही बुढा व्यक्ति था जिसके कारण आज हम संविधान रुपी शब्द से हम रूबरू हुए हैं और तब से आज तक विश्व के सबसे बड़े संवैधानिक राष्ट्र के रूप में आज सबके सामने हैं. यदि हम महात्मा गाँधी के जीवन के किसी भी पहलु को जानने का प्रयास करेंगे तो केवल उनके किसी भी कार्य को लेकर द्रढ निश्चय एवं उनके जीवन का अनुशासत्मक रहने को ही उनके जीवन का सबसे बड़ा सिद्धांत पाएंगे. व्यक्ति अपने जीवन में हर विषय में, हर कदम पर, हर समय और हर उम्र में तभी सफल हो सकता हैं जब वो भी बापू की तरह द्रढ निश्चय पर चल कर अपने जीवन में अनुशासन लाये. जिसका सबसे बड़ा उदाहरण हमारे सामने हैं हमारे राष्ट्र पिता मोहनदास करमचंद गाँधी. Mahatma Gandhi in Hindi ये तो हमने केवल उनके पुरे जीवनकाल में उनके व्यहवार के चेहरे को लाकर आपके सामने पेश किया हैं एवं उनकी द्वारा की गयी सबसे बड़ी उपलब्धि जो की हमारे देश को अंग्रेजी शासनकाल से मुक्त कराने को आपको इसकी छवि मात्र दिखाई हैं. लेकिन यदि आप इनके बारे में और अधिक जानना चाहते हैं तो नीचे दिए गए इनके जीवन की सबसे महत्वपूर्ण बातो को पढ़ सकते हैं इसके अलावा यदि आपके मन में कोई सवाल अथवा शंका हो तो कमेंट में जाकर हमसे और बाकी पाठको से अपने विचार बाँट सकते हैं. आशा हैं आपको महात्मा गाँधी के बारे में सारी जानकारिया रोचक एवं मजेदार लगेंगी.

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About Mahatma Gandhi in Hindi

About Mahatma Gandhi in Hindi

About Mahatma Gandhi in Hindi : आइये सबसे पहले तो इनके जन्म से शुरुआत करते हैं इनका जन्म 2 अक्टूबर,1869 को पोरबंदर इलाके में हुआ था जो की गुजरात राज्य में स्थित हैं. इनके पिताजी का नाम करमचंद था जिसे ये अपने मध्य नाम में इस्तेमाल करते थे और इनकी माताजी का नाम पुतलीबाई था. Mahatma Gandhi in Hindi पिताजी एक काठियावाड़ नाम की रियासत के दीवान थे. एवं माताजी घर की सीधी सादी ग्रेहनी एवं सरल महिला थी जिन्होंने गाँधीजी पर अपने व्यक्तित्व का गहरा प्रभाव छोड़ा था. इन्ही के कारण महात्मा गाँधी एक शुद्ध शाकाहारी, कमजोर व्यक्तियों के प्रति दया भावना और सरल व्यक्ति बने थे.

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Mahatma Gandhi History in Hindi

Mahatma Gandhi History in Hindi

Mahatma Gandhi History in Hindi : गाँधीजी का विवाह केवल 14 साल की आयु में करवा दिया गया था क्युकी उस समय बाल विवाह बहुत प्रचलन में था इसके एक साल बाद ही उनकी एक संतान हुई जो की ज्यादा दिनों तक जीवित ना रह पायी और इसी साल इनके पिता भी मृत्यु को प्राप्त हो गए थे.
गाँधीजी हमेशा से पढने में औसत छात्र ही रहे परंतु 10वी में आने के पश्चात इन्होने मेट्रिक बड़ी ही मुश्किल से पास किया. कारण ये था की इनका परिवार चाहता था की ये एक बड़े वकील बने लेकिन इन्हें वकील बनने में कोई भी दिलचस्पी नहीं थी. लेकिन घरवालो की जिद की वजह से ये 18 वर्ष की आयु में लन्दन चले गये थे कानून की पढाई करने एवं वकील बनने. वहाँ जाने के बाद इनके कई मित्र बने जिन्होंने इनको भगवद्गीता पढने के लिए प्रेरित किया. Mahatma Gandhi in Hindi जब तक गाँधीजी ने भगवद्गीता पढ़ी नहीं थी तब तक इन्हें धर्मो के बारे में जानने में और इसकी बारीकियो एवं उपदेशो को समझने में थोड़ी सी भी दिलचस्पी नहीं थी परन्तु भगवद्गीता पढने के बाद और उन मित्रो की और ज्यादा संगत करने के पश्चात गांधीजी के विचारो में काफी परिवर्तन आया.

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Mahatma Gandhi Essay in Hindi

Mahatma Gandhi Essay in Hindi

Mahatma Gandhi Essay in Hindi : लन्दन में अपनी कानून की पढाई पूरी के बाद वे वापस भारत आ गए थे और अपनी वकालत का काम शुरू करने लगे जिनमे की उन्हें कड्डी निराशा का सामना करना पड़ा था क्युकी वे इस काम में सफल ही नहीं हो पाए. तत्पश्चात गांधीजी साउथ अफ्रीका चले गए थे नौकरी करने जहाँ पर उनकी न्युक्ति एक क़ानूनी सलाहकार के रूप में एक कंपनी में हो गयी थी. साउथ अफ्रीका उस समय में बेहद घिनौनी रंगभेद एवं नस्लवाद की नीति से जूझ रहा था हर काले और भूरे लोगो को उस समय तुच्छ निगाह से देखा जाता था केवल उनके शरीर के रंग के कारण. 20 साल वहाँ रहने के कारण गाँधीजी ने इस चीज़ का आकलन एवं अनुभव खुद किया था क्युकी उनके साथ भी कईयो बार रंग के कारण ही भेदभाव किया गया था जैसे उनके लिए कई होटलों में जाना मना कर दिया गया था मतलब गाँधीजी को उनमे रहने की इजाज़त नहीं थी और एक बार 1st क्लास का टिकेट होने के बावजूद उन्हें 3rd क्लास की टिकेट में यात्रा करने का कहा गया लेकिन जब उन्होंने इस चीज़ का विरोध करना शुरू किया तो उन्हें ट्रेन से नीचे बेईज़त कर के उतार दिया गया.

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Mahatma Gandhi Biography in Hindi

Mahatma Gandhi Biography in Hindi

Mahatma Gandhi Biography in Hindi : एवं उन्हें एक बार चालाक द्वारा पिटा भी गया था. इतना अमानवीय व्यह्वारो को झेलते झेलते उनके अंदर सभी तरह के भेदभावो से छुटकारा पाने का उन्होंने मन बनाया और साथ ही साथ जब उन्होंने अन्य भारतीयों के साथ ऐसा ही व्यहवार होते देखा तो उनसे रहा ना गया तथा तभी से उन्होंने अंग्रेजी शासनकाल पर प्रश्न उठाने शुरू किये थे की क्यों हर किसी के साथ सामान भाव से पेश नहीं आया जाता एवं रंग के आधार पर किसी से न्याय करना कितना तर्कसंगत हैं.

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Essay on Mahatma Gandhi in Hindi

Essay on Mahatma Gandhi in Hindi

Essay on Mahatma Gandhi in Hindi : 20 साल पुरे होने के पश्चात गाँधीजी जब वापस भारत लौट आये तो उस समय गोपालकृष्ण गोखले (जो की आज के समय में महात्मा गाँधी के गुरु के रूप में चर्चित हैं) उनसे वे काफी प्रभावित हुवे जो की उस समय एक सम्मानित और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के जानेमाने नेता थे.
Mahatma Gandhi in Hindi गाँधीजी जी को प्रसिद्धी खेडा और चंपारण आन्दोलन के बाद ही मिलने लगी जिसमे सबसे पहले तो इन्होने नील की खेती ना करने पर बल दिया क्युकी नील एक ऐसी फसल हैं जिससे की भूमि की उर्वरता की शक्ति काफी कम हो जाती हैं और एक बार को भूमि में उर्वरता गयी उसके बाद उसी जमीं पर कुछ और खेती करना मुमकिन नहीं हैं क्युकी ज़मीन पूरी बंजर हो जाती हैं और उस समय पर अंग्रेजो का इससे कोई लेना देना नहीं था उन्हें तो केवल एक ही चीज़ से मतलब था और वो था अपने कोशाग्रहो को जितना भर सके भरना. उन्हें बेचारे किसानो पर जो की तिल – तिल कर मर रहे थे केवल रोज़ 2 वक्त की रोटियों के लिए. पर जरा सा भी तरस नहीं आया. नील की इतनी बड़ी मात्रा में खेती करने के कारण बहुत ज्यादा किसान गरीबी से घिर गए थे गाँवों में भुखमरी जैसे हालात पैदा हो गए थे उसके ऊपर से गाँवों में वहाँ के लोगो को बहुत सी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था जैसे चारो तरफ गन्दगी, शराब, बदबू, अकाल, बीमारिया लेकिन अंग्रेजी हुकूमत को केवल एक चीज़ की फ़िक्र थी की उनके कोशो में धन की मात्रा आनी कम हो गयी थी जिसके कारण उन्होंने गाँव वालो को कभी न खत्म होने वाले बड़े बड़े कर्जो के निचे दबा दिया था. गाँव वालो की हालत बद से बदतर होती जा रही थी. गाँधीजी ने ये सब हाल देखते हुए सबसे पहले सफाई को अपना हथियार बनाया ताकि जिससे वे सबसे पहले गाँव वालो का विश्वास जीत सके. धीरे धीरे जिन दो अन्य चीज़े की वहाँ पर अत्यधिक जरुरत थी वो भी स्थापित करवाए गए जैसे अस्पताल और स्कूल. धीरे धीरे जब उनके इस पुण्य काम की वजह से उनका नाम फैलने लगा तो उनको गिरफ्तार कर लिया गया क्युकी वास्तव में अंग्रेजो को हर उस व्यक्ति को रोकने का अधिकार था जिन्हें वो गलत समझते थे फिर चाहे वो व्यक्ति सच में कोई जुर्म किया हो या ना किया हो और उसके खिलाफ कोई सबुत हो या ना हो लेकिन उनको गिरफ्तार करने के पीछे जो वजह थी वो अपने आप में काफी हास्यापद हैं क्युकी उन्हें अशांति फ़ैलाने की वजह से पकड़ा गया था लेकिन उस समय तक वे काफी मशहूर हो चुके थे और उन्हें जैसे ही गिरफ्तार किया गया लोगो ने हजारो की तादाद में आकर पुलिस स्टेशन के बाहर रैलिया निकालनी शुरू कर दी और गाँधीजी जी के हित में उन्हें जल्द से जल्द बाहर निकालने की मांग की. इसके बाद जब गाँधीजी जेल से बाहर आये इनका नाम हवा की तरह पुरे भारत में फ़ैल चुका था और इन्हें पुरे देश में महान आत्मा यानी की महात्मा और बापू (जिसका अर्थ गुजरती में पिता होता हैं) का नाम मिल चुका था.

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Biography of Mahatma Gandhi in Hindi

Biography of Mahatma Gandhi in Hindi

Biography of Mahatma Gandhi in Hindi : इसके पश्चात गाँधीजी ने अपनी अहिंसावादी नीति को आम भारतीयों के सामने रखा जिन्हें लोगो ने आराम से स्वीकार किया परंतु इसकी शुरुवात काफी दुखद रही क्युकी इसी नीति को अपनाते हुए पंजाब के अमृतसर में जलियावाला बाग़ हत्याकांड में जनरल डायर द्वारा किये गए नरसंहार को पुरे देश ने देखा वहाँ पर लोग केवल अहिंसा वादी नीति पर चलकर अपना विरोध करने गए थे परंतु एक बहुत ही घिनौनी चीज़ का उन्हें सामना करना पड़ा जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. और इसके बाद जो भारतीयों में गुस्से की आग भड़की थी गाँधीजी ने किसी तरह उसे शांत कराया इसके बाद उन्होंने देश के हित के लिए कई तरह के और द्रिड निश्चय से भरे हुए आन्दोलनों की जैसे झड़ी लगा दी थी. जो की सफल न होते हुए भी अपने आप में काफी सफल हुए थे क्युकी अंग्रेजो को उस समय भारत की असली शक्ति देखने का एहसास हुआ था जब किसी को इतना मजबूर कर दो की उसकी रूह तक काँप जाए तो उसके बाद उससे सावधान हो जाना चाहिए क्युकी फिर उसके पास डरने के लिए कुछ नहीं बचा होता. गाँधीजी के जो अन्य आन्दोलन थे वे कुछ इस प्रकार थे जैसे नमक सत्याग्रह आन्दोलन (नमक मार्च), स्वराज आन्दोलन, निश्चय दिवस, हरिजन आंदोलन और भारत छोड़ो आन्दोलन (इनके जितने भी आन्दोलन थे वे सभी अहिंसा रहित और भारतीयों को उनका हक दिलाने, समानता के अधिकार से सबको एहसास कराने और अंग्रेजो को भारत छोड़ने पर विवश करने पर आधारित थे).

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Information About Mahatma Gandhi in Hindi

Information About Mahatma Gandhi in Hindi

Information About Mahatma Gandhi in Hindi : अंत में जब भारत को आज़ादी मिलनी तय हो गयी थी तो जाते जाते अंग्रेजो ने भारत में फुट डालने का काम किया क्युकी जैसा की वो जानते थे की भारत असल में कई सारे धर्मो जातियों को लेकर बना बड़ा एवं अभिन्न देश हैं जिसके कारणवश सबसे ज्यादा मुख्य तौर पर हिन्दू मुस्लिमो की लड़ाइयाँ होनी शुरू हो गयी थी . अलग अलग धर्मो के लोग ऐसे कट्टर हो गए और उत्पात और मार काट मचने लगे जैसे दुसरे धर्मो के लोग इंसान ही ना हो. भारत की बहुत ही ज्यादा दुर्दशा देख गांधी ने मुहम्मद अली जिन्ना जो की मुस्लिम लीग का प्रधान नेता था की बात मान ली और भारत के विभाजन के लिए मान गए जबकि व्यक्तिगत तौर पर वे इस चीज़ के बहुत खिलाफ थे पर लोगो का ऐसा रवैया देख के उनके पास कोई दूसरा चारा ना बचा था जबकि उन्होंने खुद एक बार कहा था की यदि भारत पाकिस्तान का बटवारा होगा तो वो उनकी लाश पर से होगा. पर समय और हालत कभी-कभी लोगो को और उनके उसूलो को बदलने पर मजबूर कर देता हैं. इसके बाद जब विभाजन हुआ तो पकिस्तान देश की मांग करने वाले नेताओ ने 55 करोड़ की मांग की क्युकी आखिर देश को चलाने के लिए आर्थिक हालत सही करना भी बहुत जरुरी होता हैं. लेकिन इस पर मुस्लिम लीग का नेताओ और कांग्रेस नेताओ के बीच बड़ी बहस छिड गयी क्युकी कई कांग्रेसी नेताओ को इस बात का डर था की कही पैसे लेने के बाद पकिस्तान भारत पर हमला ना कर दे. वैसे ही ग्रेह्युद्ध जैसी स्थिति से पूरा देश गुजर रहा था लेकिन बंटवारे के बाद युद्ध होने से इस स्थिति में कोई बदलाव नहीं आता. लेकिन बावजूद इन सब बातो के गाँधीजी कांग्रेस के नेताओ से इस बात पर भीड़ गए थे की उन्हें पाकिस्तान की जरुरत के हिसाब से 55 करोड़ देने ही चाहिए. अंत में कांग्रेसी और बाकी सभी नेताओ को गांधीजी के सामने झुकना ही पड़ा. और इस प्रकार भारत और पकिस्तान का बंटवारा हुआ.

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Mahatma Gandhi Information in Hindi

Mahatma Gandhi Information in Hindi

Mahatma Gandhi Information in Hindi : इस बंटवारे से कई ज्यादा लोगो को झटका पंहुचा था खासकर जो हिन्दू राष्ट्रवादी नेता थे उन्हें क्युकी वो विभाजन के सख्त खिलाफ थे और अपने देश के टुकड़े होते देखना उनके अन्दर क्रोध की ज्वाला धधकाने के लिए काफी था उनमें से ही हिन्दू राष्ट्रवादी नेताओ के एक गुट ने गाँधीजी को इसका अकेला कुसूरवार माना और उनका जीवन खत्म करने की ठानी. प्रतिशोध की ज्वाला में वे इतना भड़क चुके थे की उन्हें सही गलत के बीच में अंतर करना ना आ रहा था. जिसका परिणाम रहा की उन्होंने गांधीजी को मारने का निश्चय किया. उन्ही में से एक नाथूराम गोडसे नामक नेता ने 30 जनवरी १९४८ को गांधीजी को गोली मारकर उनकी हत्या कर दी. मृत्यु के समय उनके मुख से जो अंतिम शब्द निकले थे वे थे “हे राम”.

अगर आप महात्मा गांधी के उच्च विचारों से भरे कोट्स पड़ने के भी इछुक हैं तो वो कुछ निम्न प्रकार से निचे दिए गए हैं:

Mahatma Gandhi Quotes in Hindi

Mahatma Gandhi Quotes in Hindi

Mahatma Gandhi Quotes in Hindi : 

1. खुद वो बदलाव बनिए जो दुनिया में आप देखना चाहते हैं।

 

2. जिस दिन प्रेम की शक्ति, शक्ति के प्रति प्रेम पर हावी हो जायेगी, दुनिया में अमन आ जायेगा .

 

3. विश्वास करना एक गुण है, अविश्वास दुर्बलता कि जननी है।

 

4. शांति का कोई रास्ता नहीं है, केवल शांति है.

 

5. विश्वास करना एक गुण है, अविश्वास दुर्बलता कि जननी है।

 

6. कुछ करने में , या तो उसे प्रेम से करें या उसे कभी करें ही नहीं.

 

7. अपने प्रयोजन में द्रढ विश्वास रखने वाला एक सूक्ष्म शरीर इतिहास के रुख को बदल सकता है। – Mahatma Gandhi in Hindi

 

8. शांति का कोई रास्ता नहीं है, केवल शांति है।

 

9. सत्य एक है, मार्ग कई.

 

10. आँख के बदले में आँख पूरे विश्व को अँधा बना देगी।

 

11. हम जो दुनिया के जंगलों के साथ कर रहे हैं वो कुछ और नहीं बस उस चीज का प्रतिबिम्ब है जो हम अपने साथ और एक दूसरे के साथ कर रहे हैं.

 

12. जो समय बचाते हैं, वे धन बचाते हैं और बचाया हुआ धन, कमाएं हुए धन के बराबर है।

 

13. मैं तुम्हे शांति का प्रस्ताव देता हूँ. मैं तुम्हे प्रेम का प्रस्ताव देता हूँ. मैं तुम्हारी सुन्दरता देखता हूँ. मैं तुम्हारी आवश्यकता सुनता हूँ. मैं तुम्हारी भावना महसूस करता हूँ.

 

14. केवल प्रसन्नता ही एकमात्र इत्र है, जिसे आप दुसरो पर छिड़के तो उसकी कुछ बुँदे अवश्य ही आप पर भी पड़ती है।  – Mahatma Gandhi in Hindi

 

15. चिंता से अधिक कुछ और शरीर को इतना बर्बाद नहीं करता, और वह जिसे ईश्वर में थोडा भी यकीन है उसे किसी भी चीज के बारे में चिंता करने पर शर्मिंदा होना चाहिए.

 

16. विश्वास को हमेशा तर्क से तौलना चाहिए. जब विश्वास अँधा हो जाता है तो मर जाता है।

 

17. आप तब तक यह नहीं समझ पाते की आपके लिए कौन महत्त्वपूर्ण है जब तक आप उन्हें वास्तव में खो नहीं देते.

 

18. पहले वो आप पर ध्यान नहीं देंगे, फिर वो आप पर हँसेंगे, फिर वो आप से लड़ेंगे, और तब आप जीत जायेंगे।

 

19. जीवन की गति बढाने के अलावा भी इसमें बहुत कुछ है.

 

20. व्यक्ति की पहचान उसके कपड़ों से नहीं अपितु उसके चरित्र से आंकी जाती है।

 

21. प्रेम दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति है और फिर भी हम जिसकी भी कल्पना कर सकते हैं उसमे सबसे नम्र है. – Mahatma Gandhi in Hindi

 

22. ख़ुशी तब मिलेगी जब आप जो सोचते हैं, जो कहते हैं और जो करते हैं, सामंजस्य में हों।

 

23. हो सकता है आप कभी ना जान सकें कि आपके काम का क्या परिणाम हुआ, लेकिन यदि आप कुछ करेंगे नहीं तो कोई परिणाम नहीं होगा.

 

24. मौन सबसे सशक्त भाषण है, धीरे-धीरे दुनिया आपको सुनेगी।

 

25. आप मुझे जंजीरों में जकड़ सकते हैं, यातना दे सकते हैं, यहाँ तक की आप इस शरीर को नष्ट कर सकते हैं, लेकिन आप कभी मेरे विचारों को कैद नहीं कर सकते.

 

26. सत्य एक विशाल वृक्ष है, उसकी ज्यों-ज्यों सेवा की जाती है, त्यों-त्यों उसमे अनेक फल आते हुए नजर आते है, उनका अंत ही नहीं होता।

 

27. मैं हिंसा का विरोध करता हूँ क्योंकि जब ऐसा लगता है कि वो अच्छा कर रही है तब वो अच्छाई अस्थायी होती है; और वो जो बुराई करती है वो स्थायी होती है.

 

28. विश्व के सभी धर्म, भले ही और चीजों में अंतर रखते हों, लेकिन सभी इस बात पर एकमत हैं कि दुनिया में कुछ नहीं बस सत्य जीवित रहता है। – Mahatma Gandhi in Hindi

 

29. अपने ज्ञान पर ज़रुरत से अधिक यकीन करना मूर्खता है. यह याद दिलाना ठीक होगा कि सबसे मजबूत कमजोर हो सकता है और सबसे बुद्धिमान गलती कर सकता है.

 

30. कोई त्रुटी तर्क-वितर्क करने से सत्य नहीं बन सकती और ना ही कोई सत्य इसलिए त्रुटी नहीं बन सकता है क्योंकि कोई उसे देख नहीं रहा।

 

31. पृथ्वी सभी मनुष्यों की ज़रुरत पूरी करने के लिए पर्याप्त संसाधन प्रदान करती है, लेकिन लालच पूरी करने के लिए नहीं.

 

32. क्रोध और असहिष्णुता सही समझ के दुश्मन हैं।

 

33. दुनिया में ऐसे लोग हैं जो इतने भूखे हैं कि भगवान उन्हें किसी और रूप में नहीं दिख सकता सिवाय रोटी के रूप में.

 

34. पूंजी अपने-आप में बुरी नहीं है, उसके गलत उपयोग में ही बुराई है। किसी ना किसी रूप में पूंजी की आवश्यकता हमेशा रहेगी।

 

35. किसी चीज में यकीन करना और उसे ना जीना बेईमानी है. – Mahatma Gandhi in Hindi

 

36. अपनी गलती को स्वीकारना झाड़ू लगाने के सामान है जो धरातल की सतह को चमकदार और साफ़ कर देती है।

 

37. मृत, अनाथ, और बेघर को इससे क्या फर्क पड़ता है कि यह तबाही सर्वाधिकार या फिर स्वतंत्रता या लोकतंत्र के पवित्र नाम पर लायी जाती है?

 

38. निरंतर विकास जीवन का नियम है, और जो व्यक्ति खुद को सही दिखाने के लिए हमेशा अपनी रूढ़िवादिता को बरकरार रखने की कोशिश करता है वो खुद को गलत स्थिति में पंहुचा देता है।

 

39. तुम जो भी करोगे वो नगण्य होगा, लेकिन यह ज़रूरी है कि तुम वो करो.

 

40. यद्यपि आप अल्पमत में हों, पर सच तो सच है।

 

41. एक देश की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से आँका जा सकता है कि वहां जानवरों से कैसे व्यवहार किया जाता है.

 

42. जो भी चाहे अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुन सकता है। वह सबके भीतर है। – Mahatma Gandhi in Hindi

 

43. आप मानवता में विश्वास मत खोइए. मानवता सागर की तरह है; अगर सागर की कुछ बूँदें गन्दी हैं, तो सागर गन्दा नहीं हो जाता.

 

44. गर्व लक्ष्य को पाने के लिए किये गए प्रयत्न में निहित है, ना कि उसे पाने में।

 

45. चलिए सुबह का पहला काम ये करें कि इस दिन के लिए संकल्प करें कि- मैं दुनिया में किसी से डरूंगा नहीं. -मैं केवल भगवान से डरूं. -मैं किसी के प्रति बुरा भाव ना रखूं. -मैं किसी के अन्याय के के समक्ष झुकूं नहीं. मैं असत्य को सत्य से जीतूँ. और असत्य का विरोध करते हुए, मैं सभी कष्टों को सह सकूँ.

 

46. मैं मरने के लिए तैयार हूँ, पर ऐसी कोई वज़ह नहीं है जिसके लिए मैं मारने को तैयार हूँ।

 

47. आदमी अक्सर वो बन जाता है जो वो होने में यकीन करता है. अगर मैं खुद से यह कहता रहूँ कि मैं फ़लां चीज नहीं कर सकता, तो यह संभव है कि मैं शायद

 

48. सचमुच वो करने में असमर्थ हो जाऊं. इसके विपरीत, अगर मैं यह यकीन करूँ कि मैं ये कर सकता हूँ, तो मैं निश्चित रूप से उसे करने की क्षमता पा लूँगा, भले ही शुरू में मेरे पास वो क्षमता ना रही हो.

 

49. मैं सभी की समानता में विश्वास रखता हूँ, सिवाय पत्रकारों और फोटोग्राफरों के। – Mahatma Gandhi in Hindi

 

50. आप आज जो करते हैं उसपर भविष्य निर्भर करता है.

 

51. सत्य बिना जन समर्थन के भी खड़ा रहता है, वह आत्मनिर्भर है।

 

52. सत्य कभी ऐसे कारण को क्षति नहीं पहुंचाता जो उचित हो।

 

53. आपकी मान्यताएं आपके विचार बन जाते हैं, आपके विचार आपके शब्द बन जाते हैं, आपके शब्द आपके कार्य बन जाते हैं, आपके कार्य आपकी आदत बन जाते हैं, आपकी आदतें आपके मूल्य बन जाते हैं, आपके मूल्य आपकी नीयति बन जाती है.

 

54. स्वयं को जानने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है स्वयं को औरों की सेवा में डुबो देना.

 

55. मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है। सत्य मेरा भगवान है, अहिंसा उसे पाने का साधन।

 

56. एक कृत्य द्वारा किसी एक दिल को ख़ुशी देना, प्रार्थना में झुके हज़ार सिरों से बेहतर है. – Mahatma Gandhi in Hindi

 

57. मेरा जीवन मेरा सन्देश है।

 

58. प्रार्थना माँगना नहीं है.यह आत्मा की लालसा है. यह हर रोज अपनी कमजोरियों की स्वीकारोक्ति है. प्रार्थना में बिना वचनों के मन लगाना, वचन होते हुए मन ना लगाने से बेहतर है.

 

59. जहाँ प्रेम है वहां जीवन है।

 

60. मेरी अनुमति के बिना कोई भी मुझे ठेस नहीं पहुंचा सकता.

 

61. ऐसे जियो जैसे कि तुम कल मरने वाले हो। ऐसे सीखो की तुम हमेशा के लिए जीने वाले हो।

 

62. जब मैं निराश होता हूँ, मैं याद कर लेता हूँ कि समस्त इतिहास के दौरान सत्य और प्रेम के मार्ग की ही हमेशा विजय होती है. कितने ही तानाशाह और हत्यारे हुए हैं, और कुछ समय के लिए वो अजेय लग सकते हैं, लेकिन अंत में उनका पतन होता है. इसके बारे में सोचो- हमेशा.

 

63. भगवान का कोई धर्म नहीं है। – Mahatma Gandhi in Hindi

 

64. मैं किसी को भी गंदे पाँव के साथ अपने मन से नहीं गुजरने दूंगा।

 

65. पाप से घृणा करो, पापी से प्रेम करो।

 

66. एक कृत्य द्वारा किसी एक दिल को ख़ुशी देना, प्रार्थना में झुके हज़ार सिरों से बेहतर है।

 

67. मेरी अनुमति के बिना कोई भी मुझे ठेस नहीं पहुंचा सकता।

 

68. प्रार्थना माँगना नहीं है। यह आत्मा की लालसा है। यह हर रोज अपनी कमजोरियों की स्वीकारोक्ति है। प्रार्थना में बिना वचनों के मन लगाना, वचन होते हुए मन ना लगाने से बेहतर है।

 

69. सात घनघोर पाप: काम के बिना धन;अंतरात्मा के बिना सुख;मानवता के बिना विज्ञान;चरित्र के बिना ज्ञान;सिद्धांत के बिना राजनीति;नैतिकता के बिना व्यापार ;त्याग के बिना पूजा।

 

70. हंसी मन की गांठें बड़ी आसानी से खोल देती है। – Mahatma Gandhi in Hindi

 

71. कुरीति के अधीन होना कायरता है, उसका विरोध करना पुरुषार्थ है।

 

72. आप आज जो करते हैं उस पर भविष्य निर्भर करता है।

 

73. आदमी अक्सर वो बन जाता है जो वो होने में यकीन करता है। अगर मैं खुद से यह कहता रहूँ कि मैं फ़लां चीज नहीं कर सकता, तो यह संभव है कि मैं शायद

 

74. सचमुच वो करने में असमर्थ हो जाऊं। इसके विपरीत, अगर मैं यह यकीन करूँ कि मैं ये कर सकता हूँ, तो मैं निश्चित रूप से उसे करने की क्षमता पा लूँगा, भले ही शुरू में मेरे पास वो क्षमता ना रही हो।

 

75. चलिए सुबह का पहला काम ये करें कि इस दिन के लिए संकल्प करें कि- मैं दुनिया में किसी से डरूंगा। नहीं.-मैं केवल भगवान से डरूं। मैं किसी के प्रति बुरा भाव ना रखूं। मैं किसी के अन्याय के समक्ष झुकूं नहीं। मैं असत्य को सत्य से जीतुं। और असत्य का विरोध करते हुए, मैं सभी कष्टों को सह सकूँ।

 

76. आप मानवता में विश्वास मत खोइए। मानवता सागर की तरह है; अगर सागर की कुछ बूँदें गन्दी हैं, तो सागर गन्दा नहीं हो जाता।

 

77. एक देश की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से आँका जा सकता है कि वहां जानवरों से कैसे व्यवहार किया जाता है। – Mahatma Gandhi in Hindi

 

78. आप तब तक यह नहीं समझ पाते की आपके लिए कौन महत्त्वपूर्ण है जब तक आप उन्हें वास्तव में खो नहीं देते।

 

79. मृत, अनाथ, और बेघर को इससे क्या फर्क पड़ता है कि यह तबाही सर्वाधिकार या फिर स्वतंत्रता या लोकतंत्र के पवित्र नाम पर लायी जाती है?

 

80. किसी चीज में यकीन करना और उसे ना जीना बेईमानी है।

 

81. प्रेम दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति है और फिर भी हम जिसकी कल्पना कर सकते हैं उसमे सबसे नम्र है।

 

82. पृथ्वी सभी मनुष्यों की ज़रुरत पूरी करने के लिए पर्याप्त संसाधन प्रदान करती है, लेकिन लालच पूरी करने के लिए नहीं।

 

83. राष्ट्रीय व्यवहार में हिन्दी को काम में लाना देश की उन्नति के लिए आवश्यक है।

 

84. हर रात, जब मैं सोने जाता हूँ, मैं मर जाता हूँ। और अगली सुबह, जब मैं उठता हूँ, मेरा पुनर्जन्म होता है। – Mahatma Gandhi in Hindi

 

85. मैं हिंसा का विरोध करता हूँ क्योंकि जब ऐसा लगता है कि वो अच्छा कर रही है तब वो अच्छाई अस्थायी होती है; और वो जो बुराई करती है वो स्थायी होती है।

 

86. आप मुझे जंजीरों में जकड़ सकते हैं, यातना दे सकते हैं, यहाँ तक की आप इस शरीर को नष्ट कर सकते हैं, लेकिन आप कभी मेरे विचारों को कैद नहीं कर सकते।

 

87. हो सकता है आप कभी ना जान सकें कि आपके काम का क्या परिणाम हुआ, लेकिन यदि आप कुछ करेंगे नहीं तो कोई परिणाम नहीं होगा।

 

88. दुनिया में ऐसे लोग हैं जो इतने भूखे हैं कि भगवान उन्हें किसी और रूप में नहीं दिख सकता सिवाय रोटी के रूप में।

 

89. अक्लमंद काम करने से पहले सोचता है और मूर्ख काम करने के बाद।

 

90. मैं हिंसा का विरोध करता हूँ क्योंकि जब ऐसा लगता है कि वो अच्छा कर रही है तब वो अच्छाई अस्थायी होती है; और वो जो बुराई करती है वो स्थायी होती है.

 

91. अपने ज्ञान के प्रति ज़रुरत से अधिक यकीन करना मूर्खता है. यह याद दिलाना ठीक होगा कि सबसे मजबूत कमजोर हो सकता है और सबसे बुद्धिमान गलती कर सकता है – Mahatma Gandhi in Hindi

 

92. चिंता से अधिक कुछ और शरीर को इतना बर्बाद नहीं करता, और वह जिसे ईश्वर में थोडा भी यकीन है उसे किसी भी चीज के बारे में चिंता करने पर शर्मिंदा होना चाहिए।

 

93. एक कृत्य द्वारा किसी एक दिल को ख़ुशी देना, प्रार्थना में झुके हज़ार सिरों से बेहतर है

 

94. मैं तुम्हे शांति का प्रस्ताव देता हूँ. मैं तुम्हे प्रेम का प्रस्ताव देता हूँ. मैं तुम्हारी सुन्दरता देखता हूँ.मैं तुम्हारी आवश्यकता सुनता हूँ.मैं तुम्हारी भावना महसूस करता हूँ।

 

95. जब मैं निराश होता हूँ, मैं याद कर लेता हूँ कि समस्त इतिहास के दौरान सत्य और प्रेम के मार्ग की ही हमेशा विजय होती है. कितने ही तानाशाह और हत्यारे हुए हैं, और कुछ समय के लिए वो अजेय लग सकते हैं, लेकिन अंत में उनका पतन होता है. इसके बारे में सोचो- हमेशा

 

96. हम जो दुनिया के जंगलों के साथ कर रहे हैं वो कुछ और नहीं बस उस चीज का प्रतिबिम्ब है जो हम अपने साथ और एक दूसरे के साथ कर रहे हैं।

 

97. प्रार्थना माँगना नहीं है. यह आत्मा की लालसा है. यह हर रोज अपनी कमजोरियों की स्वीकारोक्ति है. प्रार्थना में बिना वचनों के मन लगाना, वचन होते हुए मन ना लगाने से बेहतर है

 

98. सत्य एक है, मार्ग कई। – Mahatma Gandhi in Hindi

 

99. मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है । सत्य मेरा भगवान है, अहिंसा उसे पाने का साधन कुछ करने में, या तो उसे प्रेम से करें या उसे कभी करें ही नहीं।

 

100. आप मुझे जंजीरों में जकड़ सकते हैं, यातना दे सकते हैं, यहाँ तक की आप इस शरीर को नष्ट कर सकते हैं, लेकिन आप कभी मेरे विचारों को कैद नहीं कर सकते.

 

101. हमेशा अपने विचारों, शब्दों और कर्म के पूर्ण सामंजस्य का लक्ष्य रखें। हमेशा अपने विचारों को शुद्ध करने का लक्ष्य रखें और सब कुछ ठीक हो जायेगा।

 

102. मैं तुम्हें एक जंतर देता हूँ । जब भी तुम्हें संदेह हो या तुम्हारा अहम् तुम पर हावी होने लगे, तो यह कसौटी आजमाओ : जो सबसे गरीब और कमज़ोर आदमी तुमने देखा हो, उसकी शकल याद करो और अपने दिल से पूछो कि जो कदम उठाने का तुम विचार कर रहे हो, वह उस आदमी के लिए कितना उपयोगी होगा । क्या उससे उसे कुछ लाभ पहुंचेगा ? क्या उससे वह अपने ही जीवन और भाग्य पर कुछ काबू रख सकेगा ? यानी क्या उससे उन करोड़ो लोगों को स्वराज मिल सकेगा जिनके पेट भूखे हैं और आत्मा अतृप्त है ? तब तुम देखोगे कि तुम्हारा संदेह मिट रहा है और अहम् समाप्त हो रहा है ।

 

103. जिस दिन प्रेम की शक्ति, शक्ति के प्रति प्रेम पर हावी हो जायेगी, दुनिया में अमन आ जायेगा।

 

104. क्रोध को जीतने में मौन सबसे अधिक सहायक है।

 

105. एक कृत्य द्वारा किसी एक दिल को ख़ुशी देना, प्रार्थना में झुके हज़ार सिरों से बेहतर है – Mahatma Gandhi in Hindi

 

106. गरीबी दैवी अभिशाप नहीं बल्कि मानवरचित षडयन्त्र है ।

 

107. स्वयं को जानने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है स्वयं को औरों की सेवा में डुबो दे

 

108. थोडा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है।

 

109. सत्य बिना जन समर्थन के भी खड़ा रहता है । वह आत्मनिर्भर है ।

 

110. जो लोग अपनी प्रशंसा के भूखे होते हैं, वे साबित करते हैं कि उनमें योग्यता नहीं है।

 

111. यद्यपि आप अल्पमत में हों, पर सच तो सच है ।

 

112. पुस्तकों का मूल्य रत्नों से भी अधिक है, क्योंकि पुस्तकें अन्तःकरण को उज्ज्वल करती हैं। – Mahatma Gandhi in Hindi

 

113. कोई त्रुटी तर्क-वितर्क करने से सत्य नहीं बन सकती और ना ही कोई सत्य इसलिए त्रुटी नहीं बन सकता है क्योंकि कोई उसे देख नहीं रहा

 

114. चरित्र की शुद्धि ही सारे ज्ञान का ध्येय होनी चाहिए।

 

115. अपनी गलती को स्वीकारना झाड़ू लगाने के सामान है जो सतह को चमकदार और साफ़ कर देती है । 

 

116. कायरता से कहीं ज्यादा अच्छा है, लड़ते-लड़ते मर जाना।

 

117. क्रोध और असहिष्णुता सही समझ के दुश्मन हैं

 

118. अहिंसा ही धर्म है, वही जिंदगी का एक रास्ता है।

 

119. शक्ति शारीरिक क्षमता से नहीं आती, यह अदम्य इच्छाशक्ति से आती है । – Mahatma Gandhi in Hindi

 

120. आपकी मान्यताएं आपके विचार बन जाते हैं,आपके विचार आपके शब्द बन जाते हैं,आपके शब्द आपके कार्य बन जाते हैं,आपके कार्य आपकी आदत बन जाते हैं,आपकी आदतें आपके मूल्य बन जाते हैं, आपके मूल्य आपकी नियति बन जाती है।

 

121. विश्व के सभी धर्म, भले ही और चीजों में अंतर रखते हों, लेकिन सभी इस बात पर एकमत हैं कि दुनिया में कुछ नहीं बस सत्य जीवित रहता है ।

 

122. कोई भी संस्कृति जीवित नहीं रह सकती यदि वह अपने को हम दबाव से अनुशासन नहीं सीख सकते।

 

123. पूर्ण धारणा के साथ बोला गया “नहीं” सिर्फ दूसरों को खुश करने या समस्या से छुटकारा पाने के लिए बोले गए “हाँ” से बेहतर है ।

 

124. प्रेम की शक्ति दण्ड की शक्ति से हजार गुनी प्रभावशाली और स्थायी होती है।

 

125. मौन सबसे सशक्त वक्तृता है. धीरे-धीरे दुनिया आपको सुनेगी ।

 

126. सुख बाहर से मिलने की चीज नहीं, मगर अहंकार छोड़े बगैर इसकी प्राप्ति भी होने वाली नहीं। – Mahatma Gandhi in Hindi

 

127. अन्य से पृथक रखने का प्रयास करे।

 

128. ख़ुशी तब मिलेगी जब आप जो सोचते हैं, जो कहते हैं और जो करते हैं, सामंजस्य में हों ।

 

129. किसी राष्ट्र की संस्कृति उसके लोगों के दिलों और आत्माओं में बसती है।

 

130. खुद वो बदलाव बनिए जो दुनिया में आप देखना चाहते हैं ।

 

131. जिज्ञासा के बिना ज्ञान नहीं होता | दुःख के बिना सुख नहीं होता।

 

132. थोडा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है ।

 

133. यदि मनुष्य सीखना चाहे, तो उसकी हर भूल उसे कुछ शिक्षा दे सकती है। – Mahatma Gandhi in Hindi

 

134. कुछ लोग सफलता के सपने देखते हैं जबकि अन्य व्यक्ति जागते हैं और कड़ी मेहनत करते हैं ।

 

135. अपने ज्ञान के प्रति ज़रुरत से अधिक यकीन करना मूर्खता है। यह याद दिलाना ठीक होगा कि सबसे मजबूत कमजोर हो सकता है और सबसे बुद्धिमान गलती कर सकता है।

 

136. किसी भी देश की संस्कृति उसके लोगों के ह्रदय और आत्मा में बसती

 

137. जब भी आपका सामना किसी विरोधी से हो, उसे प्रेम से जीतें।

 

138. कोई भी संस्कृति जीवित नहीं रह सकती यदि वह अपने को अन्य से पृथक रखने का प्रयास करे ।

 

139. कुछ लोग सफलता के सपने देखते हैं जबकि अन्य व्यक्ति जागते हैं और कड़ी मेहनत करते हैं।

 

140. अहिंसा ही धर्म है, वही जिंदगी का एक रास्ता है । – Mahatma Gandhi in Hindi

 

141. वास्तविक सोन्दर्य ह्रदय की पवित्रता में है।

 

142. पुस्तकों का मूल्य रत्नों से भी अधिक है, क्योंकि पुस्तकें अन्तःकरण को उज्ज्वल करती हैं ।

 

143. व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित एक प्राणी है, वह जो सोचता है वही बन जाता है।

 

144. क्रोध एक प्रचंड अग्नि है, जो मनुष्य इस अग्नि को वश में कर सकता है, वह उसको बुझा देगा | जो मनुष्य इस अग्नि को वश में नहीं कर सकता, वह स्वंय अपने को जला लेगा |

 

145. अपने से हो सके, वह काम दूसरे से न कराना।

 

146. राष्ट्रीय व्यवहार में हिन्दी को काम में लाना देश की उन्नति के लिए आवश्यक है |

 

147. काम की अधिकता नहीं, अनियमितता आदमी को मार डालती है। – Mahatma Gandhi in Hindi

 

148. गरीबी अभिशाप नहीं बल्कि मानवरचित षडयन्त्र है।

 

149. समाज में से धर्म को निकाल फेंकने का प्रयत्न बांझ के पुत्र करने जितना ही निष्फल है और अगर कहीं सफल हो जाय तो समाज का उसमे नाश होता है।

 

150. पुस्तकों का मूल्य रत्नों से भी अधिक है, क्योंकि पुस्तकें अन्तःकरण को उज्ज्वल करती हैं |

 

151. शारीरिक उपवास के साथ-साथ मन का उपवास न हो तो वह दम्भपूर्ण और हानिकारक हो सकता है।

 

152. हम दबाव से अनुशासन नहीं सीख सकते |

 

153. आप नम्र तरीके से दुनिया को हिला सकते है।

 

154. चरित्र की शुद्धि ही ज्ञान का लक्ष्य होनी चाहिए | – Mahatma Gandhi in Hindi

 

155. मै हिंदी के जरिये प्रांतीय भाषाओं को दबाना नहीं चाहता, किन्तु उनके साथ हिंदी को भी मिला देना चाहता हूं।

 

156. भूल करने में पाप तो है ही, परंतु उसे छिपाने में उससे भी बड़ा पाप है |

 

157. अहिंसात्मक युद्ध में अगर थोड़े भी मर मिटने वाले लड़ाके मिलेंगे तो वे करोड़ो की लाज रखेंगे और उनमे प्राण फूकेंगे। अगर यह मेरा स्वप्न है, तो भी यह मेरे लिए मधुर है।

 

158. क्रोध को जीतने में मौन सबसे अधिक सहायक है|

 

159. विश्व इतिहास में आजादी के लिए लोकतान्त्रिक संघर्ष हमसे ज्यादा वास्तविक किसी का नहीं रहा है। मैने जिस लोकतंत्र की कल्पना की है, उसकी स्थापना अहिंसा से होगी। उसमे सभी को समान स्वतंत्रता मिलेगी। हर व्यक्ति खुद का मालिक होगा।

 

160. वास्तविक सुन्दरता ह्रदय की पवित्रता में है|

 

161. अपनी बुद्धिमता को लेकर बेहद निश्चित होना बुद्धिमानी नहीं है। यह याद रखना चाहिए की ताकतवर भी कमजोर हो सकता है और बुद्धिमान से भी बुद्धिमान गलती कर सकता है। – Mahatma Gandhi in Hindi

 

162. अहिंसा ही धर्म है, वही जिंदगी का एक रास्ता है|

 

163. भविष्य में क्या होगा, मै यह नहीं सोचना चाहता। मुझे वर्तमान की चिंता है। ईश्वर ने मुझे आने वाले क्षणों पर कोई नियंत्रण नहीं दिया है।

 

164. प्रेम की शक्ति, हिंसा की शक्ति से हजार गुनी प्रभावशाली और स्थायी होती है|

 

165. लम्बे-लम्बे भाषणों से कही अधिक मूल्यवान है इंच भर कदम बढ़ाना।

 

166. जो समय बचाते हैं, वे धन बचाते हैं और बचाया हुआ धन, कमाएं हुए धन के बराबर है|

 

167. भूल करने में पाप तो है ही, परन्तु उसे छुपाने में उससे भी बड़ा पाप है।

 

168. कुछ लोग सफलता के सपने देखते हैं जबकि कुछ लोग जागते हैं और कड़ी मेहनत करते हैं | – Mahatma Gandhi in Hindi

 

169. प्रार्थना या भजन जीभ से नहीं ह्रदय से होता है। इसी से गूंगे, तोतले और मूढ भी प्रार्थना कर सकते है।

 

170. ईशवर न काबा में है न काशी में है, वह तो घर – घर में व्याप्त है, हर दिल में मौजूद है |

 

171. गुलाब को उपदेश देने की आवश्यकता नहीं होती है। वह तो केवल अपनी ख़ुशी बिखेरता है। उसकी खुशबु ही उसका संदेश है।

 

172. मनुष्य को अपनी ओर खींचनेवाला यदि जगत में कोई असली चुम्बक है, तो वह केवल प्रेम है |

 

173. जीवन की गति बढाने के अलावा भी इसमें बहुत कुछ है।

 

174. भगवान ने मनुष्य को अपने ही समान बनाया, पर दुर्भाग्य से इन्सान ने भगवान को अपने जैसा बना डाला |

 

175. जब तक गलती करने की स्वतंत्रता ना हो तब तक स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं है। – Mahatma Gandhi in Hindi

 

176. परमेश्वर सत्य है; यह कहने के बजाय ‘सत्य ही परमेश्वर है’ यह कहना अधिक उपयुक्त है |

 

177. पूर्ण धारणा के साथ बोला गया “नहीं” सिर्फ दूसरों को खुश करने या समस्या से छुटकारा पाने के लिए बोले गए “हाँ” से बेहतर है।

 

178. वास्तविक सौंदर्य ह्रदय की पवित्रता में है |

 

179. श्रद्धा का अर्थ है आत्मविश्वास और आत्मविश्वास का अर्थ है ईश्वर में विश्वास।

 

180. ह्रदय कि कोई भाषा नहीं होती है| ह्रदय, ह्रदय से बातचीत करता है |

 

181. हम जिसकी पूजा करते है उसी के समान हो जाते है। – Mahatma Gandhi in Hindi

 

 

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1 comment

Hindi99News Admin September 14, 2016 - 4:26 am

Nice Collection Thanx…

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