कोई भी पैसा कमा सकता है, धन भेद भाव नहीं करता | Rules of Money in Hindi

कोई भी पैसा कमा सकता है, धन भेद भाव नहीं करता | Rules of Money in Hindi

कोई भी पैसा कमा सकता है - धन भेद भाव नहीं करता
कोई भी पैसा कमा सकता है, धन भेद भाव नहीं करता | Rules of Money in Hindi : धन के बारे में एक बहुत प्यारी बात यह है कि यह सचमुच किसी से भेदभाव नहीं करता है। इसे इस बात की परवाह नहीं होती है कि आपका रंग या जाति क्या है, आप किस वर्ग के हैं, आपके माता-पिता क्या करते थे, या आपकी अपने बारे में क्या राय है। हर दिन कोरी स्लेट के साथ शुरू होता है। इससे कोई फ़क़ नहीं पड़ता है कि बीते कल में आपने क्या किया था। हर दिन नया होता है। आपके पास भी बाक़ी लोगों जितने ही अधिकार और अवसर होते हैं। आप दौलत के भंडार में से जितना चाहें, उतना ले सकते हैं। आपको जी इकलौती चीज़ रोके रखती है, वह आप खुद हैं और धन के बारे में आपकी मिथ्या धारणाएँ दुनिया के हर इंसान के पास उतनी ही दौलत है, जितनी वह भंडार में से लेता है।

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इसके अलावा और कहा भी क्या जा सकता है ? ऐसा कोई तरीक़ा नहीं है, जिससे पैसा यह जान सके कि यह किसके पास है, वह कितना पढ़ा-लिखा है, उसकी महत्वाकांक्षाएँ क्या हैं या वह किस वर्ग का है। पैसे के कान, आँख या इंद्रियाँ नहीं होती हैं। यह निर्जीव, निष्क्रिय और भावहीन होता है। इसे कुछ भी पता नहीं होता है। यह तो उपयोग या ख़र्च किए जाने के लिए होता है। बचाने और निवेश करने के लिए होता है। लड़वाने, लुभाने और मेहनत करवाने के लिए होता है। इसके पास भेदभाव करने की कोई मशीन नहीं होती है, इसलिए यह निर्णय नहीं कर सकता है कि आप इसके ‘हक़दार’ हैं या नहीं।

मैंने बहुत से दौलतमंद लोगों की क़रीब से देखा है। उन सबमें यही एक समानता होती है कि उनमें कोई समानता नहीं होती है – ज़ाहिर है, इन नियमों के खिलाड़ी होने के अलावा। दौलतमंद लोग अलग-अलग किस्म के होते हैं – जिसके अमीर होने की संभावना सबसे कम दिखती है, वह बहुत दौलतमंद निकल सकता है। वे सभ्य से लेकर असभ्य तक हो सकते हैं, समझदार से लेकर निरे मूर्ख तक हो सकते हैं, योग्य से लेकर अयोग्य तक हो सकते हैं। हर अमीर व्यक्ति ने क़दम आगे बढ़ाकर कहा है, ‘हाँ, मैं दौलत के इस भंडार में हिस्सा चाहता हूँ।’ जबकि गरीब लोग कहते हैं, ‘नहीं, मुझे नहीं, मैं इसके क़ाबिल नहीं हूँ। मैं इसका हक़दार नहीं हूँ। मैं इतना नहीं ले सकता। मुझे दौलत नहीं मिलनी चाहिए।’ यह दौलत और दौलतमंद लोगों के प्रति आपके नज़रिए को चुनौती देगी। हम सब यह मान लेते हैं कि गरीब लोग अपनी परिस्थितियों, पृष्ठभूमि, माहौल, लालन-पालन के कारण गरीब होते हैं। लेकिन अगर आपके पास एक मोबाइल फ़ोन खरीदने के पैसे हैं और आप दुनिया में तुलनात्मक सुरक्षा व आराम से रहते हैं, तो आपके पास भी दौलतमंद बनने की सामथ्र्य है। यह मुश्किल हो सकता है, यह कठिन हो सकता है, लेकिन इसे किया जा सकता है। और यही पहला नियम है – कोई भी दौलतमंद बन सकता है, आपको बस इसका संकल्प लेना होगा और मेहनत के साथ अमल में जुटना होगा। बाकी सभी नियम अमल के बारे में हैं।

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