Home Hindi Kahani स्कूल में गर्भवती लड़की की दास्तान | Sad Pregnant Girl Story in Hindi

स्कूल में गर्भवती लड़की की दास्तान | Sad Pregnant Girl Story in Hindi

by Hind Patrika

Sad Pregnant Girl Story in Hindi | स्कूल में गर्भवती लड़की की दास्तान

Sad Pregnant Girl Story in Hindi

Sad Pregnant Girl Story in Hindi : रसोईघर में अपनी मां की मदद करते हुए सौम्या ने कहा, “माँ आप राधिका को जानते हो, उसको स्कूल से निकाल कर दिया गया हैं। उसकी मां उसे एक हफ्ते पहले लेने आई थी स्कूल में ही। तब से हमे उसका कुछ नहीं पता कहा गयी, क्या हुआ, कैसी हैं।”

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“क्यूं लेकिन?” माँ ने पूछताछ की।

“वह अपनी बोर्ड के एक्साम्स भी नहीं देगी, उसके पड़ोस में रहने वाली प्रीती ने मुझे बताया कि उसे घर पर बुरी तरह से पीटा गया था। अब उनका घर बंद कर दिया गया है और कोई नहीं जानता कि अब वे कहाँ गए हैं।”

माँ बुरी तरह से चौंक गयी अब जोर देकर दोबारा पूछा, “लेकिन हुआ क्या हैं? वो तो स्कूल की टोपर थी ना? और पिछले महीने टेबल टेनिस चैम्पियनशिप जीती थी? इस तरह से क्यूँ लोग उसेक साथ और यहाँ तक घरवाले भी इतनी बुरी तरह पेश आ रहे हैं!”

“उससे गलती हो गयी माँ।” सौम्या ने कहा

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स्कूल में गर्भवती लड़की की दास्तान | Sad Pregnant Girl Story in Hindi : “ऐसी भी क्या गलती कर दी उसने जो घरवाले जानवरों की तरह पेश आ रहे हैं, बोर्ड के एक्साम्स के बीच भला ये सब क्यूँ किया, एक बेचारी बच्ची का भविष्य बर्बाद करने पर क्यूँ उतारू हो गए हैं और ये समाज के लोग जहाँ पर सही के साथ देने के लिए खड़े होना चाहिए वही पर हमेशा दगा देते हैं, ऐसे किसी को जानवरों की तरह मारना भला कौन से शिक्षित लोगो का काम हैं, ये तो उस छोटी सी बच्ची पर अत्याचार करने जैसा हैं बेचारी ने किया क्या था उसने जो उस पर सब ऐसे बरस रहे हैं?”

“माँ वो गर्भवती हो गई थी।”

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Sad Pregnant Girl Story in Hindi
स्कूल में गर्भवती लड़की की दास्तान | Sad Pregnant Girl Story in Hindi : “क्या” माँ बिना पलक झपकाए सौम्या को देख रही थी.
… लेकिन क्या, कब कैसे, थोड़ी देर रुकने के बाद माँ ने फिर से कहा, ये तो होना ही था, घरवालो की ही गलती हैं जो उसे इतनी छूट दे रखी थी. अगर मैं उसके माँ बाप की जगह पर होती तो उसे उनसे भी ज्यादा कड़ी सजा देती, बिलकुल सही हो रहा हैं उसके साथ. भगवान् का लाख लाख शुक्र हैं की मेरे बच्चे ऐसे नहीं हैं.
“हम्म” सौम्या ने कहा दूर रहना ऐसे घटिया बच्चो से, इनकी संगत में पड़ना भी पाप जैसा ही हैं, बस अपने एक्साम्स पर ध्यान दो.
सौम्या की जैसी दिल की धड़कने रुक गयी थी एक दम से अपनी माँ की बाते बदलते देखकर. पहले कितनी तारीफ़ कर रही थी लेकिन एक दम से ही गुस्से से लाल हो गयी. उसे अब समझ नहीं आ रहा था की अब अपनी माँ को कैसे बताऊ की उसे स्कूल से क्यूँ निकला गया.

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